इजरायली सेना का बड़ा खुलासा, गाजा जंग में 70,000 मौतें, लेकिन भूख से एक भी नहीं; पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Israel Hamas War: इजरायली रक्षा बलों ने पहली बार गाजा युद्ध में लगभग 70,000 लोगों की मौत की पुष्टि की है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा लगाए गए 'भुखमरी से मौत' के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है।
Israeli army makes major revelation: 70,000 deaths in Gaza war, but not a single one due to starvation; read the full report.
गाजा में इजरायली सेना का हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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IDF Gaza Death Toll News In Hindi: इजरायल और हमास के बीच जारी युद्ध को लेकर इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने पहली बार आधिकारिक तौर पर मौतों के आंकड़े साझा किए हैं। बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के दौरान अब तक लगभग 70,000 गाजावासियों की जान जा चुकी है। हालांकि, IDF ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा दिए गए नागरिक मौतों के प्रतिशत पर कड़ा ऐतराज जताया है। सेना का दावा है कि इन मृतकों में से लगभग 25,000 हमास के आतंकवादी थे।

भुखमरी के आरोपों पर पलटवार

IDF ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और संगठनों के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि गाजा में सैकड़ों लोग भूख से मर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भुखमरी से किसी भी स्वस्थ व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। सेना ने तर्क दिया कि अंतरराष्ट्रीय समूहों द्वारा बताए गए भुखमरी के आंकड़े या तो फर्जी हैं या उनमें ऐसे लोग शामिल हैं जो युद्ध शुरू होने से पहले ही गंभीर स्वास्थ्य बीमारियों से जूझ रहे थे। सेना ने कुछ ऐसे उदाहरण भी पेश किए जहां मानवीय सहायता अधिकारियों ने बच्चों की मौत का दावा किया था लेकिन जांच में वे जीवित पाए गए।

मानवीय सहायता और जमीनी हकीकत

इजरायल ने युद्ध के दौरान गाजा में भेजी गई सहायता का व्यापक ब्यौरा भी पेश किया है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 1,12,000 सहायता ट्रक गाजा भेजे गए हैं जिनमें 17 लाख टन भोजन और 18 लाख टेंट और तिरपाल शामिल हैं। इसके अलावा, गाजा में 16 फील्ड अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं और 6 लाख बच्चों को पोलियो के टीके लगाए गए हैं। सेना ने यह भी बताया कि 5,000 अंतरराष्ट्रीय सहायता कर्मी गाजा में दाखिल हुए, जबकि 42,000 गाजावासियों को इलाज के लिए तीसरे देशों में जाने की अनुमति दी गई।

हमास की भूमिका और आंतरिक हिंसा

IDF ने सबूत पेश करते हुए कहा कि 2024 की शुरुआत तक हमास द्वारा दागे गए 13% रॉकेट मिसफायर हु जिससे खुद कई फिलिस्तीनियों की मौत हुई। इसके अलावा, हमास ने उन फिलिस्तीनियों को भी निशाना बनाया जिन्हें वह अपना राजनीतिक विरोधी मानता था या जो लोग सेना के निकासी आदेशों का पालन करने की कोशिश कर रहे थे। IDF ने आरोप लगाया कि संयुक्त राष्ट्र के कुछ अधिकारियों ने इजरायल पर युद्ध समाप्त करने का दबाव बनाने के लिए खाद्य असुरक्षा के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।

नेतृत्व में बदलाव और भविष्य की रणनीति

गाजा में नागरिक मामलों को संभालने वाली संस्था COGAT के प्रमुख मेजर-जनरल घसान अलियान जल्द ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उनकी जगह पूर्व पुलिस अधिकारी योराम हलेवी लेंगे। इस बीच, IDF 12 मार्च को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के समक्ष भुखमरी के आरोपों के खिलाफ गोपनीय रूप से विस्तृत जानकारी साझा करने की तैयारी कर रहा है।

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