लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम की गोली मारकर हत्या (सोर्स-सोशल मीडिया)
Assassination Of Saif al-Islam: लीबिया के राजनीतिक गलियारों से एक बेहद सनसनीखेज खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के सबसे चर्चित वारिस सैफ अल-इस्लाम की हत्या की खबर की पुष्टि हो गई है। लीबिया में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन पर लगे मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप के बावजूद वे देश की राजनीति में एक बड़ा चेहरा माने जाते थे।
लीबिया के दिवंगत नेता मुअम्मर गद्दाफी के पुत्र सैफ अल-इस्लाम की हत्या की खबर मंगलवार को पूरी दुनिया में आग की तरह फैली। उनके वकील खालिद अल-ज़ायदी और परिवार से जुड़े करीबी सूत्रों ने इस दुखद और सनसनीखेज घटना की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। हालांकि अभी तक सरकार द्वारा यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन परिस्थितियों में और किस जगह उन्हें गोलियां मारी गई हैं।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सैफ अल-इस्लाम को अज्ञात हमलावरों ने बहुत करीब से गोलियां मारी हैं जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रशासन ने अभी तक इस घातक हमले के पीछे जिम्मेदार लोगों या किसी विशेष उग्रवादी संगठन के नाम का कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। जांच एजेंसियां इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की गुत्थी सुलझाने के लिए सभी संभावित डिजिटल और फिजिकल सबूतों को जुटाने में पूरी तरह से जुट गई हैं।,
सैफ अल-इस्लाम का लीबिया के इतिहास और वहां की अत्यंत जटिल राजनीति में हमेशा से ही बहुत गहरा और प्रभावशाली दखल रहा है। साल 2011 की भीषण क्रांति से पहले वे देश की सभी महत्वपूर्ण आर्थिक और विदेशी नीतियों को तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाते थे। उनके पिता मुअम्मर गद्दाफी के शासनकाल में उन्हें लीबिया का अगला उत्तराधिकारी और गद्दाफी वंश का सबसे पढ़ा-लिखा चेहरा माना जाता था।
साल 2011 की क्रांति के बाद सैफ की राजनीतिक स्थिति काफी कमजोर हो गई थी और उन पर कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के गंभीर कानूनी मुकदमे भी चल रहे थे। साल 2015 में एक स्थानीय अदालत ने उन्हें प्रदर्शनकारियों को कुचलने के आरोप में उनकी अनुपस्थिति में ही मौत की सजा सुनाई थी। इसके अलावा उन पर हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में मानवता के खिलाफ जघन्य अपराध करने के भी कई मामले दर्ज थे।
साल 2021 में सैफ अल-इस्लाम ने एक बार फिर सक्रिय राजनीति में कदम रखते हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपना नामांकन भरा था। हालांकि लीबिया में जारी भारी राजनीतिक अस्थिरता और आपसी गतिरोध के कारण वे चुनाव अंततः पूरी तरह रद्द करने पड़े और उनका सपना अधूरा रहा। अब उनकी अचानक हुई इस हत्या के साथ ही गद्दाफी परिवार के सबसे बड़े और प्रभावशाली वारिस का जीवन सफर सदा के लिए खत्म हो गया है।
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इस दुखद घटना के बाद लीबिया के तमाम प्रमुख शहरों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को प्रशासन द्वारा बेहद कड़ा कर दिया गया है। गद्दाफी के पुराने समर्थकों में इस खबर के बाद भारी आक्रोश और गम देखा जा रहा है जो भविष्य में नागरिक अशांति का रूप ले सकता है। दुनिया भर के तमाम बड़े नेता भी लीबिया के ताजा हालात पर अपनी नजर बनाए हुए हैं और वहां शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।