अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Karoline Leavitt on India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर हाल ही में काफी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ने बुधवार को दावा किया कि भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करने का भरोसा जताया है और इसके बजाय अमेरिका से तेल आयात बढ़ाएगा। साथ ही, भारत वेनेजुएला से भी तेल खरीदेगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने यह बात भारत-अमेरिका के हालिया व्यापार समझौते के संदर्भ में कही।
कैरोलाइन लेविट ने कहा कि यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सीधे संवाद के बाद लिया गया। उन्होंने दोनों नेताओं के अच्छे संबंधों को इसका कारण बताया और कहा कि इसी वजह से यह ‘बेहतरीन ट्रेड डील’ संभव हो पाई। हालांकि, उनके बयानों को देखकर यह सवाल उठता है कि क्या उन्होंने डील की सभी बारीकियां सही तरीके से समझी हैं।
लेविट के अनुसार, भारत ने न केवल रूसी तेल की खरीद रोकने की बात कही है बल्कि अमेरिका से तेल खरीद बढ़ाने का भी वादा किया है, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और नागरिकों को लाभ होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि पीएम मोदी ने अमेरिका में 500 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया है, जिसमें ऊर्जा, परिवहन और कृषि क्षेत्र शामिल हैं।
#WATCH | Washington DC | On US-India trade agreement, White House Press Secretary Karoline Leavitt says, “India committed to not only no longer purchasing Russian oil, but buying oil from the United States, also perhaps from Venezuela too, which will now have a direct benefit on… pic.twitter.com/exQUBopZJE — ANI (@ANI) February 3, 2026
इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि इस समझौते के तहत भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद करेगा और अमेरिका से अधिक तेल खरीदेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस फैसले का स्वागत किया और टैरिफ में कमी पर खुशी जताई। खबरों के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि भारत पूरी तरह से रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा।
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हालांकि, रूस ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि अब तक भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद बंद करने का कोई आधिकारिक बयान या सूचना नहीं मिली है। उनका यह बयान पश्चिमी मीडिया की ओर से बनाए जा रहे नरेटिव को चुनौती देता है, जिसमें कहा जा रहा था कि भारत अमेरिका के साथ डील करने के लिए रूस को ‘कुर्बान’ कर देगा। रूस के इस बयान से साफ हो गया कि भारत-रूस के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है।