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रमजान के मौके पर भूख से मरेंगे गाजा के लोग! इजरायल का ये कड़ा फैसला, हमास को कर रहा ब्लैकमेल
इजराइल-हमास के बीच संघर्षविराम का पहला चरण बीते शनिवार को समाप्त हो गया। वहीं गाजा में सभी खाद्य वस्तुओं और रसद का प्रवेश रोके जाने के कारण इजराइल की तीखी आलोचना की जा रही है।
- Written By: राहुल गोस्वामी

भूख से मरेंगे गाजा के लोग!
तेल अवीव : एक बड़ी खबर के अनुसार जहां इजराइल-हमास के बीच संघर्षविराम का पहला चरण बीते शनिवार को समाप्त हो गया। वहीं गाजा में सभी खाद्य वस्तुओं और रसद का प्रवेश रोके जाने के कारण इजराइल की तीखी आलोचना की जा रही है। इजराइल ने बीते रविवार को गाजा पट्टी में सभी वस्तुओं और रसद का प्रवेश रोकते हुए चेतावनी दी थी कि यदि हमास संघर्षविराम की अवधि को बढ़ाने संबंधी नए प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता है तो उसे ‘‘अतिरिक्त परिणाम” भुगतने होंगे।
वहीं इस बाबत मध्यस्थों मिस्र और कतर ने इजराइल पर भुखमरी को हथियार के रूप में इस्तेमाल करके मानवीय कानून का उल्लंघन करने का बीते रविवार को आरोप लगाया। हमास ने इजराइल पर संघर्षविराम समझौते को पटरी से उतारने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सहायता पर रोक संबंधी उसका फैसला ‘‘युद्ध अपराध है और समझौते (संघर्षविराम) पर हमला है।” यह समझौता जनवरी में हुआ था।
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जानकारी दें कि, इजराइल-हमास के बीच संघर्षविराम का पहला चरण बीते शनिवार को समाप्त हो गया। इसमें मानवीय सहायता में वृद्धि देखी गई। दोनों पक्षों के बीच अभी दूसरे चरण पर बातचीत होनी बाकी है, जिसमें इजराइल अपनी सेना वापस बुलाएगा और स्थायी संघर्षविराम करेगा। इसके बदले में हमास शेष बंधकों को रिहा करेगा। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि मौजूदा समझौतों के तहत इजराइल पहले चरण के बाद लड़ाई फिर से शुरू कर सकता है, अगर उसे लगता है कि वार्ता अप्रभावी रही।
उन्होंने यह भी कहा कि संघर्षविराम तभी जारी रहेगा जब हमास बंधकों को रिहा करना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि इजराइल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के साथ ‘‘पूर्ण समन्वय” बिठाकर काम कर रहा है। गाजा पट्टी पर पूर्ण घेराबंदी करने के इजराइल के फैसले की मिस्र ने निंदा की है और उस पर ‘‘भुखमरी को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने” का आरोप लगाया है। मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती ने इजराइल-हमास युद्धविराम के अगले चरण के तत्काल कार्यान्वयन का आह्वान किया। अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति ने कहा कि युद्ध विराम ने अनगिनत लोगों की जान बचाई है, ‘‘गत छह सप्ताहों में बनी प्रगति की गति में कोई भी कमी लोगों को फिर से निराशा में धकेल सकती है।”
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इस बाबत संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता प्रमुख टॉम फ्लेचर ने इजराइल के निर्णय को ‘‘चिंताजनक” बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून में स्पष्ट किया गया है कि सहायता तक पहुंच की अनुमति दी जानी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बताया कि महासचिव ने सभी पक्षों से गाजा में शत्रुता की वापसी रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने का आग्रह किया तथा गाजा में तत्काल मानवीय सहायता पहुंचाए जाने तथा सभी बंधकों को रिहा किए जाने का आह्वान किया। पांच गैर-सरकारी समूहों ने इजराइल के उच्चतम न्यायालय से एक अंतरिम आदेश जारी कर सरकार को गाजा में सहायता बाधित करने से रोकने का अनुरोध किया।
उन्होंने यह भी कहा कि, सरकार का सहायता बाधित करने का कदम अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इजराइल के दायित्वों का उल्लंघन करता है। इजराइल के एक अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि सहायता निलंबित करने का निर्णय ट्रंप प्रशासन के समन्वय से लिया गया है। इजराइल सरकार ने रविवार को कहा कि वह गाजा में संघर्षविराम के प्रथम चरण को रमजान और यहूदी पर्व ‘पासओवर’ तक बढ़ाने के प्रस्ताव का समर्थन करती है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने रविवार सुबह कहा कि इजराइल ‘पासओवर’ या 20 अप्रैल तक संघर्षविराम को आगे बढ़ाने के पक्ष में है।
इसने कहा कि यह प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के पश्चिम एशिया के दूत स्टीव विटकॉफ की ओर से आया है। नेतन्याहू के कार्यालय के मुताबिक, प्रस्ताव के तहत आधे बंधकों को, चाहे वे जीवित हों या मृत, पहले दिन छोड़ा जाएगा और अगर स्थायी संघर्षविराम पर सहमति बन जाती है तो बाकी को रिहा कर दिया जाएगा। इजराइल द्वारा घोषित प्रस्ताव या सहायता बंद करने के उसके निर्णय पर अमेरिका की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई है। हमास ने कहा कि इजराइल द्वारा सहायता पर रोक लगाना समझौते का एक और उल्लंघन है, क्योंकि दोनों पक्षों के बीच समझौते के दूसरे चरण पर बातचीत जारी है तथा राहत सामग्री की आपूर्ति और सहायता जारी रहनी चाहिए।
इस बीच, इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा कि इजराइल संघर्षविराम के अगले चरण पर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वह वार्ता के दौरान अधिक बंधकों को रिहा करने पर जोर दे रहा है। उन्होंने एक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘हमने (चरण एक के तहत) अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को अंतिम दिन तक पूरा किया, जो कल तक थी। हमारा रुख यह है कि बातचीत के दौरान बंधकों को रिहा किया जाना चाहिए।” हमास ने चेतावनी दी कि संघर्षविराम समझौते में देरी या उसे रद्द करने के किसी भी प्रयास से बंधकों को दिक्कत होगी। उसने दोहराया कि उन्हें रिहा कराने का एकमात्र तरीका मौजूदा समझौते को लागू करना है, जिसमें शेष बंधकों को मुक्त करने के लिए समयसीमा निर्दिष्ट नहीं की गई है।
वहीं मामले पर हमास ने कहा है कि वह दूसरे चरण में शेष सभी बंधकों को एक साथ रिहा करने को तैयार है, लेकिन इसके बदले में वह अधिक फलस्तीनी कैदियों की रिहाई, स्थायी संघर्षविराम तथा इजराइली सेना की वापसी चाहता है। मिस्र के एक अधिकारी ने कहा कि हमास और मिस्र युद्ध को समाप्त किए बिना शेष बंधकों को रिहा करने के उद्देश्य से एक नए प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे। अधिकारी ने कहा कि समझौते में दोनों पक्षों से फरवरी की शुरुआत में संघर्षविराम समझौते के दूसरे चरण पर बातचीत शुरू करने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि मध्यस्थ विवाद को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। संघर्षविराम के पहले, छह सप्ताह के चरण के तहत हमास ने इजराइल द्वारा कैद किए गए लगभग 2,000 फलस्तीनी लोगों की रिहाई के बदले में 25 इजराइली बंधकों को रिहा किया।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
Israel criticized for stopping relief material in gaza
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