7 अक्टूबर का हिसाब पूरा! इजरायल ने हमास के इंटेलिजेंस चीफ शंबारी को किया ढेर, IDF को मिली बड़ी कामयाबी

Israel Eliminates Hamas Intel Chief: इजरायली सेना ने हमास के सैन्य इंटेलिजेंस चीफ इयाद अहमद अब्द अल-रहमान शंबारी को ढेर कर दिया है। शंबारी को 7 अक्टूबर के भीषण हमले का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता था।
The Score Settled for October 7th! Israel Eliminates Hamas Intelligence Chief Shambari; IDF Achieves Major Success.
बेंजामिन नेतन्याहू, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Israel Eliminates Hamas Intel Chief Shambari: इजरायल और हमास के बीच जारी भीषण संघर्ष में इजरायली रक्षा बलों (IDF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इजरायल ने 7 अक्टूबर 2023 को अपने देश पर हुए बर्बर हमले का इंतकाम लेते हुए हमास के सैन्य इंटेलिजेंस ऑपरेशंस के प्रमुख इयाद अहमद अब्द अल-रहमान शंबारी को मार गिराया है।

बुधवार को आईडीएफ द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शंबारी वही शख्स था जिसने इजरायल पर हुए उस ऐतिहासिक हमले की पूरी साजिश रची थी, जिसने पूरे मध्य पूर्व की भू-राजनीति को बदल कर रख दिया।

7 अक्टूबर हमले की रची थी बड़ी साजिश

इयाद अहमद अब्द अल-रहमान शंबारी हमास के भीतर एक अत्यंत प्रभावशाली पद पर तैनात था। वह न केवल इंटेलिजेंस ऑपरेशंस का हेड था, बल्कि इजरायल के खिलाफ कई सैन्य रणनीतियों का मुख्य सूत्रधार भी था। 7 अक्टूबर 2023 को जब हमास ने इजरायल के विभिन्न शहरों पर अचानक और सुनियोजित तरीके से हमला किया था। उसमें करीब 1,200 निर्दोष लोगों की जान गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, शंबारी ने ही इस हमले के हर पहलू की योजना बनाई थी, जिसके बाद इजरायल ने गाजा में अपने अब तक के सबसे बड़े सैन्य ऑपरेशन की शुरुआत की थी।

हमले में शंबारी का बेटा भी मारा गया

विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और फिलिस्तीनी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, गाजा पट्टी पर हुए इजरायली हमलों में केवल शंबारी ही नहीं, बल्कि उसके साथ उसका बेटा भी मारा गया है। मंगलवार को हुए इन हमलों में कुल पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें हमास का एक अन्य कमांडर और एक नौ साल का बच्चा भी शामिल बताया जा रहा है। इजरायली सेना लंबे समय से शंबारी की तलाश में थी और उसे खत्म करना आईडीएफ के लिए एक बड़ी रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक जीत माना जा रहा है।

दो साल से जारी है जंग

7 अक्टूबर के हमले के बाद शुरू हुआ यह युद्ध पिछले करीब दो वर्षों से निरंतर जारी है। उस हमले के दौरान हमास ने न केवल 1,200 लोगों की हत्या की थी, बल्कि 200 से अधिक इजरायली और अन्य नागरिकों को बंदी बना लिया था। इसके जवाब में इजरायल द्वारा गाजा पट्टी पर किए गए भीषण सैन्य अभियान में अब तक हजारों फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और लाखों लोग बेघर हो गए हैं। पूरा क्षेत्र मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है और मानवीय संकट गहराता जा रहा है।

सीजफायर के बाद भी जारी है हिंसा

पिछले साल अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल-हमास के बीच एक संक्षिप्त युद्धविराम समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत इजरायल ने गाजा पर हमले रोकने और हमास ने बंधकों की रिहाई पर सहमति जताई थी। हालांकि, यह शांति अधिक समय तक नहीं टिक सकी और सीजफायर की अवधि समाप्त होने के बाद भी हिंसा का दौर थमा नहीं है।

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस कथित संघर्षविराम प्रक्रिया के शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 818 फिलिस्तीनी नागरिकों की जान जा चुकी है। शंबारी की मौत इस युद्ध में एक नया मोड़ ला सकती है, क्योंकि वह हमास की खुफिया ताकत का एक मुख्य स्तंभ था।

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