

Gwalior Municipal Corporation Jan Sunwai: ग्वालियर नगर निगम की जनसुनवाई में वार्ड क्रमांक 27 के पूर्व पार्षद बृजेश गुप्ता अपने समर्थकों के साथ खाली मटके और पानी के बर्तन लेकर पहुंचे। उन्होंने इलाके में गहराते जल संकट को लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने अमृत योजना के तहत खर्च किए गए 840 करोड़ रुपए के उपयोग और कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए।
बृजेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में कई दिनों से नियमित पानी सप्लाई नहीं हो रही है, जिसके कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जल संकट की वजह से आम नागरिकों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है और लोगों को पानी के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। गुप्ता ने नगर निगम के जल आपूर्ति संबंधी दावों को पूरी तरह असफल बताते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की।
बृजेश गुप्ता ने सवाल उठाया कि जब लोगों को पर्याप्त पानी ही नहीं मिल पा रहा है, तो अमृत योजना के तहत खर्च किए गए 840 करोड़ रुपए का लाभ आखिर जनता को क्यों नहीं दिखाई दे रहा और यह राशि किस काम में उपयोग हुई। इस पर नगर निगम अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि क्षेत्र में पेयजल समस्या का समाधान अगले दो दिनों के भीतर कर दिया जाएगा।
वंही दूसरी तरफ वार्ड क्रमांक 55 के रहवासियों ने जनसुनवाई में आवेदन सौंपकर बताया कि उनके इलाके में एक नाला लंबे समय से खुला पड़ा है, जिससे लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार राहगीर नाले में गिरकर घायल हो चुके हैं। रहवासियों ने नाले को ढंकने की मांग की है। इस पर अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण के बाद आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
गौरतलब है कि, जनसुनवाई में पानी, सीवर और अतिक्रमण संबंधी शिकायतें भी प्राप्त हुईं। जिन्हें सुनने के बाद अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई कर समस्याओं से निजात दिलाने का आश्वासन दिया है। ऐसे में अब देखना यह होगा की ग्वालियर जिले बृजेश गुप्ता और बाकी लोगों की समस्याओं का हल कब तक हो पाता है।