इराक में तबाही! सबसे बड़ी गैस फील्ड पर रॉकेट हमला, अंधेरे में डूबा पूरा इलाका; मची चीख-पुकार

Iraq Gas Field Attack: इराक के कुर्दिस्तान प्रांत स्थित सबसे बड़ी खोर मोर गैस फील्ड पर रॉकेट हमला हुआ है। हमले में एक लिक्विड स्टोरेज टैंक को निशाना बनाया गया, जिससे गैस और बिजली सप्लाई पर गंभीर...
Iraq's largest gas field hit by rockets, plunging the entire region into darkness and screaming.
इराक में हमला ( एआई फोटो)
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Iraq Rocket Attack: इराक के उत्तरी कुर्दिस्तान क्षेत्र में स्थित खोर मोर गैस फील्ड पर रॉकेट से बड़ा हमला किया गया। यह गैस फील्ड पूरे प्रांत की सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं में से एक है। दाना गैस के अनुसार, रॉकेट सीधे उस लिक्विड स्टोरेज टैंक पर गिरा जो हाल ही में शुरू किए गए नए प्रोजेक्ट का हिस्सा था। इस हमले के बाद गैस उत्पादन रुक गया और क्षेत्र में बिजली सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा।

कुर्दिस्तान बिजली मंत्रालय के प्रवक्ता ओमेद अहमद ने बताया कि गैस सप्लाई में रुकावट आने के कारण बिजली उत्पादन में लगभग 3,000 मेगावॉट तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे उत्तर इराक के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट की स्थिति बन गई। हालांकि आग को गुरुवार सुबह तक नियंत्रित कर लिया गया, लेकिन गैस और बिजली की सप्लाई अभी भी सामान्य नहीं हो पाई है।

ईरान समर्थित समूहों से जोड़कर देखा जा रहा हमला

यह हमला जुलाई में हुए ड्रोन हमलों के बाद सबसे बड़ा माना जा रहा है। उस हमले में कुर्दिस्तान क्षेत्र में तेल उत्पादन प्रतिदिन करीब 1.5 लाख बैरल कम हो गया था। ऊर्जा ढांचे पर ऐसे हमलों को अक्सर ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों से जोड़कर देखा जाता है, जो अमेरिकी प्रभाव वाले क्षेत्रों को निशाना बनाते हैं।

हमले के बाद कुर्द नेताओं की तरफ से नाराजगी भी सामने आई। इराकी कुर्द प्रधानमंत्री मसरोर बरजानी के डिप्टी चीफ अजीज अहमद ने X पर लिखते हुए अमेरिका की अनुमति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आखिर कितने हमले होने चाहिए कि अमेरिका हमें एंटी-ड्रोन हथियार खरीदने की इजाजत दे, ताकि हम अपने लोगों और ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा कर सकें?

पूरे इराक पर हमला

इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे "पूरे इराक पर हमला" बताया। उन्होंने कुर्द नेता मसरोर बरजानी से बात कर हमलावरों की पहचान के लिए संयुक्त जांच समिति बनाने का निर्णय लिया।

दाना गैस ने बताया कि जिस टैंक पर हमला हुआ, वह KM250 परियोजना का हिस्सा था, जिससे गैस फील्ड की उत्पादन क्षमता 50% तक बढ़ जानी थी। यह परियोजना आंशिक रूप से अमेरिकी फंडिंग से विकसित की गई है और एक अमेरिकी कंपनी ने ही इसे तैयार किया था। इस हमले का आर्थिक प्रभाव भी दिखाई दिया। दाना गैस के शेयर गिरकर 1.5% नीचे यानी 0.781 दिरहम पर पहुंच गए।

हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है, हालांकि कुर्द अधिकारियों ने आशंका जताई है कि हमले के पीछे ईरान समर्थित आतंकी समूह शामिल हो सकते हैं, जो पहले भी इस क्षेत्र की ऊर्जा संरचनाओं को निशाना बना चुके हैं।

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