ट्रंप को पसंद है चापलूसी..पुतिन की मक्खन जैसी बातों पे फिसले अमेरिकी राष्ट्रपति, दे दिया आधा यूक्रेन

Russia Ukraine War: ट्रंप द्वारा पेश 28 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर यूक्रेन और यूरोप में चिंता है, क्योंकि इसमें नाटो सदस्यता रोकने और रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों से यूक्रेन के हटने की बातें शामिल हैं।
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डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Russia Ukraine Peace Deal: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए 28 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश किया है। इसके तहत यूक्रेन कभी भी नाटो का हिस्सा नहीं बनेगा और उसे रूस के कब्जे वाले ( लगभग 19 प्रतिशत) क्षेत्रों को छोड़ना होगा। हालांकि, इस प्रस्ताव पर कई वार्ताएँ बाकी हैं और इसे लेकर यूक्रेन और यूरोप में चिंता की स्थिति बनी हुई है। यूक्रेन ने इसे लेकर अभी पूर्ण सहमति नहीं दी है और बातचीत जारी है। 

यूक्रेन शांति योजना को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उषाकोव ने मिलकर तैयार किया है। इसमें रूस की लंबे समय से युद्ध समाप्ति की मांगें शामिल हैं, जैसे क्षेत्रीय रियायतें और नाटो सदस्यता पर रोक। इसलिए इसे ट्रंप का प्लान कम, रूस का प्लान ज्यादा माना जा रहा है, जिसे ट्रंप के जरिए दुनिया को पेश किया गया। यह खुलासा विटकॉफ और उषाकोव की लीक व्हाट्सऐप चैट और फोन कॉल से सामने आया है।

'ट्रंप की खुलकर तारीफ करें'

लीक हुए व्हाट्सऐप चैट से सामने आया है कि विटकॉफ ने उषाकोव को सुझाव दिया कि जब पुतिन ट्रंप से बात करें, तो उन्हें खूब तारीफें करें। उन्हें गाजा संघर्ष के शांति नायक और विश्व शांति के नेतृत्वकर्ता के रूप में पेश करें। इसके तुरंत बाद पुतिन को यूक्रेन युद्ध के समाधान के लिए रूस का फॉर्मूला ट्रंप को समझाना चाहिए। विटकॉफ ने उषाकोव से कहा कि ट्रंप इस तरह की तारीफों के लिए पूरी तरह तैयार हैं और इसे सुनकर वे रूसी प्रस्ताव को ध्यान से सुनेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि पुतिन को ट्रंप को गाजा युद्धविराम के लिए बधाई देनी चाहिए और यह बताना चाहिए कि रूस ने इसका समर्थन किया है। ट्रंप को शांति का सच्चा व्यक्ति बताकर उनकी प्रशंसा करनी चाहिए। यह कॉल 14 अक्टूबर की है और 16 अक्टूबर को पुतिन और ट्रंप के बीच मुलाकात हुई थी।

लीक पर ट्रंप की प्रतिक्रिया

ट्रंप ने इस लीक हुई बातचीत पर कोई आपत्ति नहीं जताई और कहा कि यह बातचीत का मानक तरीका है। वहीं रूस ने इस रिकॉर्डिंग के लीक होने को यूक्रेन की शांति वार्ता को कमजोर करने की साजिश बताया है। रूसी अधिकारियों का कहना है कि यह एक सामान्य वार्ता थी और इसे बढ़ाकर अहमियत नहीं दी जानी चाहिए।

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