फिर भड़केगा मिडिल ईस्ट! ईरानी चेतावनी के बाद बढ़ा युद्ध का खतरा, मचा हड़कंप

ईरान और इजरायल के बीच युद्धविराम के बाद भी तनाव कायम है। दोनों देश एक-दूसरे पर संदेह जता कर रहे हैं। ईरान का कहना है कि इजरायल सीजफायर तोड़कर फिर से हमला कर सकता है।
फिर भड़केगा मिडिल ईस्ट! ईरानी चेतावनी के बाद बढ़ा युद्ध का खतरा, मचा हड़कंप
ईरानी अधिकारी मौसवी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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तेहरान: ईरान और इजरायल के बीच फिर से युद्ध छिड़ने की आशंका जताई गई है। ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारी अब्दुल रहीम मौसवी ने यह चेतावनी दी है। मौसवी ने इजरायल की युद्धविराम संबंधी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यहूदी राष्ट्र कभी भी समझौता तोड़कर हमला कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इजरायल युद्धविराम का उल्लंघन करके आक्रमण करता है, तो ईरानी सेना जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।

ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ, जनरल अब्दुल रहीम मौसवी ने रविवार को सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान के साथ हुई बातचीत के दौरान इजरायल की नेतन्याहू सरकार द्वारा युद्धविराम का पालन करने पर संदेह व्यक्त किया। यह बयान ईरान और इजरायल के बीच 13 से 24 जून तक चले गहन संघर्ष के बाद युद्धविराम लागू होने के पांच दिन बाद आया है।

इजरायल तोड़ सकता है युद्धविराम

ईरान के मीडिया के अनुसार, ईरानी अधिकारी मौसवी ने सऊदी रक्षा मंत्री से कहा कि इजरायल द्वारा अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करने पर संदेह है, जिसमें युद्धविराम समझौतों का पालन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि ईरान को लगता है कि इजरायल युद्धविराम को कभी भी तोड़ सकता है, इसलिए अगर इजरायल ने ऐसा किया तो ईरानी सेना उसे मजबूती जवाब देगी।

मौसवी ने यह भी कहा कि ईरान हमेशा शांति का समर्थक रहा है और हालिया संघर्ष शुरू करने में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि इज़रायल द्वारा ईरान पर अचानक हमला करना ही इस युद्ध का कारण बना, जिसके जवाब में ईरान ने पूरी शक्ति से प्रहार कर दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ईरानी भूमि पर कोई हमला हुआ, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने कराया युद्धविराम

बता दें कि इजरायल ने 13 जून को अचानक ईरान पर हवाई हमला कर दिया, जिसमें ईरानी सेना के कई वरिष्ठ कमांडर और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अहम वैज्ञानिक मारे गए। इस हमले के जवाब में ईरान ने इजरायल के तेल अवीव समेत कई बड़े शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार कर दी। इस टकराव को दस दिन बीतने के बाद इजरायल का समर्थन करते हुए अमेरिका ने 22 जून को ईरान के तीन प्रमुख सैन्य ठिकानों पर बंकर बस्टर बम गिराए।

हालांकि, इसके महज दो दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्तक्षेप कर दोनों देशों को युद्धविराम यानी सीजफायर के लिए राजी कर लिया और संघर्ष को रोकने में सफलता हासिल की।

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