जलते हुए अमेरिकी फाइटर जेट और शवों का ढेर, ईरान ने अमेरिका को दिखाया खौफनाक मंजर, बढ़ा महायुद्ध का खतरा

Iran US Tension: ईरान ने एक विशाल पोस्टर लगाकर अमेरिका को सैन्य हमले के खिलाफ चेतावनी दी है। यह तनाव अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती और ईरान के आंतरिक संकट के बीच चरम पर पहुंच गया है।
Burning American fighter jets and piles of corpses: Iran shows America a horrific scene, increasing the risk of a major war.
तेहरान के एंगेलाब स्क्वायर में एक खौफनाक पोस्टर लगाया गया, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Tehran Mural Warning:  ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपनी राजधानी तेहरान के एंगेलाब स्क्वायर में एक विशाल और खौफनाक पोस्टर का अनावरण किया है। इस पोस्टर के जरिए अमेरिका को सीधे तौर पर किसी भी सैन्य हमले के खिलाफ गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है।

आखिर पोस्टर में क्या है?

तेहरान के एक व्यस्त चौराहे पर लगाए गए पोस्टर में एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को ऊपर से जलते और विस्फोट करते हुए दिखाया गया है। इसके डेक पर अमेरिकी लड़ाकू विमान आग की लपटों में घिरे हैं और चारों ओर शव बिखरे नजर आ रहे हैं। सबसे चौंकाने वाला दृश्य खून की उन लकीरों का है, जो समुद्र में गिरते हुए अमेरिकी झंडे की धारियों जैसी आकृति बना रही हैं। इस पोस्टर पर कड़े शब्दों में लिखा गया है 'अगर तुम हवा बोओगे, तो तूफान काटोगे'।

'पिछली कार्रवाई तो मूंगफली जैसी थी'

यह म्यूरल ऐसे समय में लगाया गया है जब अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन और उसके साथ अन्य युद्धपोत मध्य पूर्व क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस तैनाती को एहतियात बताया है, लेकिन साथ ही ईरान को कड़ी चेतावनी भी दी है। ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि जरूरत पड़ी और सैन्य कार्रवाई हुई तो वह पिछले साल ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों से कहीं अधिक बड़ी और विनाशकारी होगी।

'ट्रिगर पर उंगली'

ईरान की ओर से भी जवाबी बयानबाजी तेज हो गई है। रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर ने स्पष्ट किया है कि उनकी सेना पहले से कहीं अधिक तैयार है और उनके सैनिकों की 'फिंगर ऑन द ट्रिगर है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान स्थिति 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान के लिए सबसे गंभीर आंतरिक और बाहरी संकट की याद दिलाती है।

ईरान का आंतरिक संकट और मौतें

तनाव का एक बड़ा कारण ईरान के भीतर जारी देशव्यापी प्रदर्शन भी हैं, जो 28 दिसंबर को ईरानी मुद्रा रियाल के गिरने से शुरू हुए थे। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए की गई हिंसक कार्रवाई में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने मौतों की संख्या 5,848 बताई है, जबकि 41,280 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है। दूसरी ओर, ईरान की सरकार ने मौतों का आंकड़ा 3,117 बताया है।

बढ़ती अंतरराष्ट्रीय हलचल

क्षेत्र में केवल अमेरिकी ही नहीं बल्कि और देशों का भी सैन्य हलचल भी बढ़ गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमानों की तैनाती की पुष्टि की है जबकि ब्रिटेन ने भी सुरक्षा की दृष्टि से कतर में अपने टाइफून फाइटर जेट्स भेजे हैं। बढ़ता अंतरराष्ट्रीय दबाव और यह सैन्य लामबंदी किसी भी क्षण इस टकराव को और अधिक खतरनाक मोड़ पर ले जा सकती है।

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