ईरान-अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता रद्द... अरब सागर में ड्रोन मार गिराने के बाद बढ़ा तनाव

Nuclear Negotiations Cancelled: ईरान और अमेरिका के बीच ओमान में प्रस्तावित परमाणु वार्ता रद्द कर दी गई है। शर्तों पर असहमति और अरब सागर में ईरानी ड्रोन को मार गिराने के बाद सैन्य तनाव चरम पर है।
Iran-US Nuclear Talks Cancelled After US Navy Shoots Down Iranian Drone
ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता रद्द (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Iran-US nuclear talks cancelled Oman: ईरान और अमेरिका के बीच शुक्रवार को ओमान में होने वाली परमाणु वार्ता अचानक रद्द कर दी गई है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान ने पुरानी सहमतियों से पीछे हटते हुए नई शर्तें रखी थीं। इसी बीच अरब सागर में एक ईरानी ड्रोन को मार गिराने की घटना ने कूटनीतिक राह कठिन कर दी है। वार्ता विफल होने से खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर जंग की आहट सुनाई देने लगी है।

वार्ता रद्द होने का मुख्य कारण

ईरान और अमेरिका के बीच ओमान में होने वाली परमाणु चर्चा अब शुक्रवार को आयोजित नहीं होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने पहले बनी सहमतियों से पीछे हटते हुए बातचीत के प्रारूप में बदलाव मांगा था। ईरान चाहता था कि वार्ता का स्थान तुर्की से बदलकर ओमान किया जाए और कुछ देशों को बाहर रखा जाए।

शर्तों पर गहराता मतभेद

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ईरान बातचीत से खाड़ी के अन्य देशों को पूरी तरह बाहर रखना चाहता था। ईरान का प्रस्ताव था कि यह कूटनीतिक बातचीत केवल उसके परमाणु कार्यक्रम तक ही सीमित रखी जाए। हालांकि अमेरिका ने अन्य देशों को बैठक का हिस्सा नहीं बनाने की ईरान की मांग को खारिज कर दिया।

बैलिस्टिक मिसाइल पर विवाद

ईरान केवल परमाणु मुद्दे पर बात करना चाहता था लेकिन अमेरिका ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया कि बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर भी रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल परमाणु मुद्दे तक बातचीत सीमित रखना अब अमेरिका को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं है।

अरब सागर में सैन्य टकराव

कूटनीतिक संकट के बीच 3 फरवरी 2026 को अरब सागर में एक बड़ी सैन्य घटना घटित हुई। अमेरिकी नौसेना के एफ-35सी फाइटर जेट ने ईरान के एक शाहेद-139 ड्रोन को हवा में मार गिराया। यह ड्रोन अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की ओर आक्रामक तरीके से बढ़ रहा था।

कड़ा अमेरिकी रुख

अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि वे केवल वास्तविक और गंभीर बातचीत में ही शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ईरान के साथ कूटनीति के नाम पर अपना कीमती समय बर्बाद नहीं करेंगे। इसी कारण इस सप्ताह होने वाली पूरी वार्ता को रद्द करने की संभावना पहले ही जताई जा रही थी।

भविष्य की कूटनीतिक चुनौतियां

ईरान द्वारा पुरानी सहमतियों से पलटने के बाद दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी और बढ़ गई है। इजरायली मीडिया और ईरान इंटरनेशनल ने भी इस वार्ता के रद्द होने की खबर की पुष्टि की है। अब दुनिया की नजरें अयातुल्ला अली खामेनेई और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के अगले कड़े फैसलों पर टिकी हैं।

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