ईयू अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (सोर्स-सोशल मीडिया)
Iran death toll reaches 2000 EU sanctions: ईरान में पिछले दो हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शनों ने अब एक बेहद खौफनाक रूप ले लिया है, जहां सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक ईरानी अधिकारी ने दावा किया है कि इस हिंसक दमन में अब तक लगभग 2000 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
इस भयावह स्थिति पर यूरोपीय संघ (EU) ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए ईरानी प्रशासन के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया है। ईयू अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि वे आजादी के लिए संघर्ष कर रहे आम ईरानी नागरिकों के समर्थन में पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं।
यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ईरानी सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे बल प्रयोग की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ईरान में बढ़ती मौतों की संख्या अत्यंत डरावनी है और अत्यधिक बल का इस्तेमाल किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सुरक्षा बलों द्वारा लोगों की आजादी पर लगाई जा रही पाबंदियों को मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन बताते हुए इसकी निंदा की है।
लेयेन ने जानकारी दी कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को पहले ही यूरोपीय संघ की मानवाधिकार प्रतिबंधों की सूची में शामिल किया जा चुका है। अब काया कलास के साथ मिलकर उन अधिकारियों पर और भी कड़े प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है जो इस दमन के जिम्मेदार हैं। यूरोपीय संघ का उद्देश्य इन पाबंदियों के जरिए ईरानी नेतृत्व पर कूटनीतिक दबाव बनाकर हिंसा को तुरंत रुकवाना है।
दोहा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने अमेरिका की ओर से ईरान को दी जा रही धमकियों पर फिक्र जताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की सैन्य वृद्धि के विनाशकारी नतीजे होंगे। कतर इस समय सभी पक्षों के साथ बातचीत कर रहा है ताकि इस संकट का एक कूटनीतिक और शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके।
ईरान के विभिन्न शहरों से आ रही खबरें बताती हैं कि प्रदर्शनकारी अपनी बुनियादी आजादी और अधिकारों के लिए जान की बाजी लगाकर सड़कों पर मार्च कर रहे हैं। रॉयटर्स द्वारा कोट किए गए 2000 मौतों के आंकड़े ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हिलाकर रख दिया है और वैश्विक नेताओं से हस्तक्षेप की मांग तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर इंटरनेट और संचार पर लगी पाबंदियों के बावजूद विरोध की आवाजें दबने का नाम नहीं ले रही हैं।
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कतर के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि वे अपने क्षेत्रीय भागीदारों के साथ मिलकर स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं ताकि युद्ध जैसी नौबत न आए। उनका मानना है कि अभी भी कूटनीतिक रास्ता खुला है और बातचीत के जरिए हिंसा को समाप्त कर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। हालांकि, यूरोपीय संघ का रुख यह संकेत देता है कि अगर दमन जारी रहा तो ईरान को भारी अंतरराष्ट्रीय अलगाव का सामना करना पड़ेगा।
Ans: रॉयटर्स ने एक ईरानी अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक 2000 लोग मारे जा चुके हैं।
Ans: अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मौतों की संख्या को खौफनाक बताया और सुरक्षा बलों द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग की कड़ी निंदा की।
Ans: हां, ईयू अध्यक्ष ने संकेत दिया है कि दमन के लिए जिम्मेदार लोगों पर और अधिक प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव जल्द ही पेश किया जाएगा।
Ans: कतर ने तनाव बढ़ने पर चिंता जताई है और विनाशकारी नतीजों से बचने के लिए सभी पक्षों से कूटनीतिक समाधान खोजने की अपील की है।
Ans: यूरोपीय संघ ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को पहले ही अपनी मानवाधिकार प्रतिबंधों की सूची में शामिल कर दिया है।