
ईरान के सारे टीवी चैनल 'हैक'!
Iran Cyber Attack: ईरान में एक बड़े साइबर हमले के बाद, देश की सभी टीवी स्क्रीन पर अचानक बदली हुई तस्वीरें दिखने लगीं, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया। जहां आमतौर पर सरकारी कार्यक्रम और खबरें प्रसारित होती थीं, वहां अब विरोध प्रदर्शनों की फुटेज, सरकार विरोधी नारे और निर्वासित नेता रेज़ा पहलवी की अपीलें दिखाई दे रही थीं। इस साइबर हमले ने न सिर्फ ईरान की साइबर सुरक्षा पर सवाल उठाए, बल्कि लोगों के बीच डर और हैरानी का माहौल भी पैदा कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, ईरान के अधिकांश प्रमुख टीवी चैनलों को हैक कर लिया गया था। स्क्रीन पर कुछ समय के लिए सरकार विरोधी नारे, प्रदर्शनकारियों के वीडियो और रेज़ा पहलवी के संदेश प्रसारित होते रहे। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों और वीडियो को साझा किया गया, जिसके बाद यह खबर तेजी से फैल गई। कई लोगों का मानना है कि यह कोई सामान्य तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित साइबर हमले का परिणाम था।
टीवी स्क्रीन पर “तानाशाही मुर्दाबाद” जैसे नारे दिखाई दिए, जो यह साबित करते थे कि हमले का उद्देश्य केवल तकनीकी नुकसान नहीं था, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी देना था। रेज़ा पहलवी, जो ईरान के आखिरी शाह के बेटे हैं और वर्षों से निर्वासन में रह रहे हैं, उनकी अपील भी कुछ चैनलों पर दिखाई गई। इस घटनाक्रम ने सरकार और प्रशासन के लिए गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
इस हमले के बाद, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि ईरान की राष्ट्रीय प्रसारण व्यवस्था इतनी आसानी से कैसे हैक हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला किसी संगठित और तकनीकी रूप से सशक्त समूह द्वारा किया गया हो सकता है। ईरान पहले भी कई बार साइबर हमलों का आरोप विदेशों पर लगाता रहा है, खासकर अमेरिका और इजरायल पर। इस बार भी इस हमले के पीछे बाहरी ताकतों का हाथ हो सकता है, ऐसा अनुमान जताया जा रहा है।
इस घटना के बाद आम जनता में भय और बेचैनी बढ़ गई है। कई लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अगर देश के सबसे बड़े प्रसारण चैनल को हैक किया जा सकता है, तो निजी डेटा और अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं भी खतरे में हो सकती हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस हमले को सरकार के लिए एक चेतावनी के रूप में देख रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह हमले ईरान की सरकार के खिलाफ जनमत को और बढ़ावा देने की कोशिश हो सकती है, जो हालिया वर्षों में विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रही है।
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इस साइबर हमले ने ईरान की सुरक्षा के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर किया है और यह संकेत भी दिया है कि भविष्य में ऐसे हमले और भी बढ़ सकते हैं, खासकर जब तक सरकार अपनी साइबर सुरक्षा को मज़बूत नहीं करती।






