

Iran US Tension News In Hindi: अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें ट्रंप ने कहा था कि उनके हस्तक्षेप के कारण ईरान ने 800 प्रदर्शनकारियों की फांसी रोक दी है। ईरान के शीर्ष प्रोसेक्यूटर मोहम्मद मोवाहितदी ने इस दावे को 'सफेद झूठ' करार देते हुए कहा कि न्यायपालिका ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है।
ईरान की न्यायपालिका की आधिकारिक समाचार एजेंसी 'मिजान' के माध्यम से मोवाहितदी ने स्पष्ट किया कि ईरान में शक्तियों का स्पष्ट विभाजन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की कोई भी संस्था विदेशी ताकतों या किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति के निर्देशों पर काम नहीं करती है। हालांकि, कुछ संकेत मिल रहे हैं कि यह आंकड़ा ईरान के विदेश मंत्रालय और अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ के बीच हुई बातचीत से निकला हो सकता है लेकिन न्यायपालिका ने किसी भी राहत की बात को नकार दिया है।
न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। देश पिछले दो हफ्तों से इंटरनेट ब्लैकआउट का सामना कर रहा है, जिसके बीच प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई में मौतों की संख्या 5,002 तक पहुंच गई है। मानवाधिकार समूह 'ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी' के आंकड़ों के मुताबिक, मरने वालों में 4,716 प्रदर्शनकारी, 43 बच्चे और 203 सरकारी समर्थक शामिल हैं। वहीं, अब तक 26,800 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। दूसरी ओर, ईरानी सरकार ने मौतों का आंकड़ा 3,117 बताया है, जिनमें से कई को 'आतंकवादी' करार दिया गया है।
इस राजनीतिक टकराव के बीच, अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। अमेरिकी विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln अपने बेड़े के साथ हिंद महासागर की ओर बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि जरूरत पड़ी, तो अमेरिकी कार्रवाई ईरान की परमाणु साइटों पर हुए पिछले हमलों को 'मूंगफली' जैसा छोटा बना देगी।
ट्रंप की चेतावनियों के जवाब में ईरान के वरिष्ठ धार्मिक नेता मोहम्मद जवाद हाजी अली अकबरी ने ट्रंप की कड़ी निंदा की है। उन्होंने ट्रंप को 'पीला चेहरा और पीले बालों वाला बदनाम व्यक्ति' कहते हुए धमकी दी कि अगर अमेरिका ने कोई नुकसान पहुंचाया तो ईरान क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को अपना सटीक लक्ष्य बनाएगा। इसके साथ ही, ईरान ने अपनी रिवोल्यूशनरी गार्ड की शक्ति का प्रदर्शन करते हुए सैन्य ड्रोन के वीडियो जारी किए हैं और इजरायल को भी सीधे तौर पर चेतावनी दी है।