नेतन्याहू की ईरानियों से आजादी की अपील: अयातुल्लाह शासन उखाड़ फेंकने का आह्वान, यरूशलेम पर गिरी मिसाइलें

Netanyahu Freedom Call: नेतन्याहू ने ईरानियों से अत्याचारी शासन को हटाकर अपनी आजादी हासिल करने का आह्वान किया है। वहीं यरूशलेम के पवित्र स्थलों के पास मिसाइलें गिरने से हड़कंप मच गया और नमाज रोकनी पड़ी।
Netanyahu Calls for Iranian Liberty: Israel Vows to Strike Tehran Amid Ongoing Missile Attacks 
इजराइली प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू (सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Historic War For Freedom: इजराइल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है और युद्ध के बादल गहरा रहे हैं। इजराइली प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू ने सीधे ईरान की जनता से बातचीत करते हुए उन्हें अपनी स्वतंत्रता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया है। उन्होंने इस संघर्ष को आजादी के लिए ऐतिहासिक युद्ध बताते हुए कहा कि यह दमनकारी शासन से छुटकारा पाने का एक सुनहरा अवसर है।

आजादी के लिए ऐतिहासिक आह्वान

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया के माध्यम से ईरानी नागरिकों को एक सशक्त और प्रेरणादायक संदेश जारी किया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अयातुल्लाह शासन को हटाकर अपनी खोई हुई स्वतंत्रता पुनः प्राप्त करें। अमेरिका के साथ मिलकर इजराइल अब तेहरान के अत्याचारी शासकों पर पहले से भी अधिक जोरदार हमले कर रहा है।

योद्धाओं का बचाव और प्रोपेगेंडा का अंत

प्रधानमंत्री ने फोर्स 100 के योद्धाओं के खिलाफ चलाए गए विवादित 'सदे तेइमान मामले' के अंत की आधिकारिक घोषणा की है। उन्होंने इस मामले को एक झूठा दुष्प्रचार बताया जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजराइल की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया गया था। नेतन्याहू का मानना है कि देश को अपने बहादुर योद्धाओं का सम्मान करना चाहिए, न कि उन्हें अपराधी मानना।

यरूशलेम के पवित्र स्थलों पर खतरा

युद्ध की इस भीषण स्थिति में ईरान की ओर से इजराइल की राजधानी यरूशलेम पर लगातार मिसाइलें दागी जा रही हैं। इनमें से एक मिसाइल पुराने शहर में स्थित अल-अक्सा मस्जिद और वेस्टर्न वॉल जैसे पवित्र स्थलों के बेहद करीब गिरी। सुरक्षा कारणों से इन विश्व प्रसिद्ध और पवित्र स्थलों पर होने वाली नमाज को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा।

रक्षा प्रणाली और अलर्ट जारी

इजराइल रक्षा बल (IDF) ने पुष्टि की है कि उनकी वायु रक्षा प्रणालियां इन मिसाइल खतरों को रोकने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं। सेना ने नागरिकों को मोबाइल फोन पर निर्देश जारी कर उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की कड़ी सलाह दी है। लोगों से जिम्मेदारी से काम करने और अगले निर्देश मिलने तक सुरक्षित पनाहगाहों में ही रुके रहने का अनुरोध किया गया है।

कूटनीतिक और सैन्य दबाव

बेन्जामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि इजराइल अपने दुश्मनों का पीछा करना कभी बंद नहीं करेगा और अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। मौजूदा संघर्ष ने मध्य पूर्व की स्थिरता को बड़े खतरे में डाल दिया है क्योंकि हमले सीधे रिहायशी और धार्मिक क्षेत्रों में हो रहे हैं। यह युद्ध अब केवल सैन्य अभियान न रहकर विचारधाराओं और अपनी जमीन बचाने की एक बड़ी लड़ाई बन चुका है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com