शेख हसीना ने दिल्ली से भरी हुंकार, मोहम्मद यूनुस को बताया 'हत्यारा'; बांग्लादेश को दी बड़ी चेतावनी

Sheikh Hasina Speech: दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में शेख हसीना ने ऑडियो भाषण के जरिए मोहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने यूनुस को 'हत्यारा' बताते हुए देश को बर्बाद करने का आरोप लगाया है।
Sheikh Hasina roared from Delhi: Called Muhammad Yunus a 'murderer' and issued a major warning regarding Bangladesh.
शेख हसीना, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Sheikh Hasina On Mohammad Yunus: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच से अपनी आवाज बुलंद की है। 23 जनवरी 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वीडियो कॉल और ऑडियो के जरिए लाइव आकर उन्होंने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर जमकर प्रहार किया। शेख हसीना ने बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति को 'खून से सनी जमीन' बताते हुए देशवासियों से लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की है।

यूनुस पर लगाए बेहद गंभीर आरोप

शेख हसीना ने अपने संबोधन में अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस के खिलाफ बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने यूनुस को 'हत्यारा, फासीवादी, मनी लॉन्डरर, लुटेरा और सत्ता का भूखा गद्दार' करार दिया। हसीना ने आरोप लगाया कि यूनुस की लालच भरी नीतियों ने देश को खोखला कर दिया है और उनकी सरकार केवल अराजकता, हिंसा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है।

बांग्लादेश की स्थिति पर जताया गहरा शोक

देश के मौजूदा हालातों का जिक्र करते हुए शेख हसीना भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि आज बांग्लादेश एक बहुत बड़े संकट के मुहाने पर खड़ा है और पूरी धरती खून से सनी हुई है। उनके अनुसार, देश अब एक बड़ी जेल और 'कत्लगाह' बन चुका है, जहाँ हर तरफ तबाही के बीच लोग अपनी जान बचाने की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि 5 अगस्त 2024 को एक सोची-समझी साजिश के तहत उन्हें सत्ता से हटाया गया, जिसके बाद से देश में डर और आतंक का युग शुरू हो गया है।

हिंसा और अल्पसंख्यकों का दर्द

हसीना ने अपनी स्पीच में मानवाधिकारों के हनन और अल्पसंख्यकों पर हो रहे जुल्मों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चियों पर हिंसा खुलेआम हो रही है और अल्पसंख्यकों पर लगातार अत्याचार किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश के संसाधनों को विदेशियों को सौंपने की साजिश रची जा रही है, जो बांग्लादेश को एक अंतरराष्ट्रीय टकराव की ओर धकेल सकता है।

शेख हसीना की बड़ी मांगें

आगामी 12 फरवरी को प्रस्तावित चुनावों से पहले शेख हसीना ने यूनुस सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि कथित अवैध यूनुस सरकार को तुरंत हटाकर देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराए जा सकें। उन्होंने सड़कों पर जारी हिंसा पर लगाम लगाने और कानून-व्यवस्था को फिर से कायम करने की मांग की।

हसीना ने अल्पसंख्यकों, महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की ठोस गारंटी देने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही पत्रकारों और विपक्षी नेताओं के खिलाफ दर्ज कथित झूठे मामलों को वापस लेने और न्यायपालिका की विश्वसनीयता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने पिछले एक वर्ष में हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) को आमंत्रित करने की मांग भी रखी।

अपने संबोधन के अंत में 'जय बंगला, जय बंगबंधु' का नारा देते हुए शेख हसीना ने बांग्लादेश की जनता से देश की आजादी और संप्रभुता की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

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