जर्मनी ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने के लिए कहा (फोटो- सोशल मीडिया)
E3 Nations-Iran Controversy: इजराइल से 12 दिनों तक चले जंग के बाद एक बार फिर ईरान पर संकट के बादल छाने लगे हैं। जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार देर रात एक चेतावनी जारी की, जिसमें जर्मन नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने और जो पहले से वहां हैं, उन्हें जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की सलाह दी गई है। ये चेतावनी ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंका के कारण दी गई है।
जर्मनी ने फ्रांस और ब्रिटेन (ई3 देश) के साथ मिलकर ईरान पर फिर से प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह वही प्रतिबंध हैं जो 2015 में एक परमाणु समझौते (JCPOA) के बाद हटा दिए गए थे। उस समझौते में ईरान ने वादा किया था कि वह अपने परमाणु प्रोग्राम को सिर्फ शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करेगा।
जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि, ईरान के अधिकारी पहले भी बदले की धमकी दे चुके हैं, इसलिए यह मुमकिन है कि ईरान में जर्मन नागरिकों या उनके हितों को नुकसान पहुँचाया जा सकता है। इसके चलते उन्होंने अपने नागरिकों को तेहरान छोड़ने के लिए कहा है।
ई3 देशों का कहना है कि उन्होंने कई बार ईरान से बातचीत की कोशिश की, ताकि वह फिर से 2015 के समझौते का पालन करे, लेकिन ईरान लगातार उसकी शर्तों की अनदेखी करता रहा है। 2018 में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने JCPOA से हटने का फैसला लिया था, जिसके बाद से ईरान ने इस समझौते को मानना लगभग बंद कर दिया।
इसी बीच, ईरान ने इन तीन देशों की कार्रवाई को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने ई3 देशों की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि, यह “बेकार की टेंशन” है। हालांकि ईरान ने अपने बयान में इन देशों को भविष्य में सही जवाब देने की चेतावनी दी है।
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बता दें कि, 2015 के समझौते से पहले लगे प्रतिबंधों में हथियारों की बिक्री पर रोक, मिसाइल कार्यक्रम पर रोक, यात्रा और संपत्ति पर पाबंदियां और परमाणु तकनीक के उहयोग पर नियंत्रण शामिल था। ई3 देश ईरान पर फिर से वही सब प्रतिबंध लागू करने की योजना बना रहे हैं।