Mumbai: AI से एडिटेड टिकटों का खुलासा, मुंबई उपनगरीय नेटवर्क में सख्त निगरानी

Mumbai: मध्य और पश्चिम रेलवे ने AI-एडिटेड और फर्जी टिकटों पर सख्त कार्रवाई शुरू की है। स्टेशनों पर AI-फ्रॉड स्क्वॉड तैनात की गई है और नकली टिकट पकड़े जाने पर 7 साल तक की जेल हो सकती है।
AI Ticket
एआई टिकट (सौ. सोशल मीडिया )
Published on: 
Updated on: 

Mumbai News In Hindi: मध्य रेल और पश्चिम रेलवे ने उपनगरीय नेटवर्क में नकली और एडिटेड टिकटों के बढ़ते मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है।

पिछले कुछ महीनों में कई यात्री AI-एडिटेड, मॉफर्ड या फोटोकॉपी किए गए टिकट के साथ यात्रा करते पकड़े गए हैं, जिसके बाद रेलवे ने इसे गंभीर धोखाधड़ी मानते हुए व्यापक चेकिंग अभियान शुरू किया है।

रेलवे के अनुसार, टिकट बुकिंग के समय एक विशेष अलफान्यूमेरिक कोड जनरेट होता है, जो असली टिकट की पहचान का अहम आधार है। नकली या एडिटेड टिकट में यह कोड सही नहीं होता, जिसे चेकिंग टीम तुरंत पकड़ लेती है व स्टेशनों और ट्रेनों में स्पेशल AI-फ्रॉड स्क्वॉड तैनात किया जा रहा है।

यह टीम संदिग्ध टिकटों की पहचान करेगी और यात्रियों से पहचान पत्र की जांच करेगी। सीजन टिकट या यात्रा टिकट पर दर्ज विवरण आईडी से मेल न खाने पर कार्रवाई की जाएगी। जीआरपी के साथ कोऑर्डिनेशन बढ़ाया गया है ताकि चेकिंग बाधामुक्त रहे।

रेलवे ने चेतावनी दी है कि नकली टिकट बनाना, खरीदना या उसका उपयोग करना भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं-318(2), 336(3), 336(4), 340(1), 340(2) और 3/5 के तहत अपराध है। दोषी पाए जाने पर जुर्माना और 7 साल तक की जेल, दोनों का प्रावधान है।

अब तक सामने आए 5 केस

  • एक दुकान मालिक ने एक टिकट खरीदा, उसकी फोटो कॉपी निकालकर कर्मचारियों को बांट दी।
  • एक महिला यात्री Al-पडिट टिकट के साथ पकड़ी गई।
  • छात्रों के एक समूह ने टिकट एडिट करने के लिए AI टूल का इस्तेमाल किया।
  • पश्चिम रेलवे में इसी तरह के तीन और मामले दर्ज किए गए।
Navbharat Live
navbharatlive.com