Global March: दुनिया के 80 शहरों में मार्च, वेनेजुएला की नेता मारिया मचाडो के समर्थन में उतरे लोग

Maria Machado Support: दुनिया भर के 80 से ज्यादा शहरों में लोग वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया मचाडो के समर्थन में मार्च कर रहे हैं। उनका मानना है कि लोकतंत्र की लड़ाई में मचाडो उम्मीद की प्रतीक हैं।
Maria Machado Support
नेजुएला की विपक्षी नेता मारिया मचाडो (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Venezuela Opposition Leader Protest: दुनिया भर में एक अनोखा प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। 80 से अधिक शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इन प्रदर्शनों की वजह वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो हैं। मारिया को हाल ही में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। समर्थक इस उपलब्धि का जश्न मनाने और लोकतंत्र के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं।

क्यों निकला यह ग्लोबल मार्च

शनिवार को दुनिया के कई बड़े शहरों में एक साथ मार्च निकाला गया। यह मार्च वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने की खुशी में आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य पुरस्कार समारोह से पहले मचाडो की जीत का जश्न मनाना और वेनेजुएला की लोकतांत्रिक लड़ाई को वैश्विक स्तर पर उठाना है।

किन शहरों में हुए प्रदर्शन

मैड्रिड, उट्रेख्त, लीमा, ब्यूनस आयर्स जैसे प्रमुख शहरों में लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में मचाडो के पोस्टर थे और वे “मुक्त वेनेजुएला” जैसे नारे लगा रहे थे। लीमा में लोग देश का पीला-नीला-लाल झंडा लहराते हुए कह रहे थे कि यह पुरस्कार सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे वेनेजुएला के लोकतांत्रिक संघर्ष का सम्मान है।

अमेरिका-वेनेजुएला तनाव के बीच प्रदर्शन

यह प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और वेनेजुएला के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। अमेरिका ने हाल ही में कैरिबियाई क्षेत्र में सैन्य तैनाती बढ़ाई है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का दावा है कि यह उनकी सरकार गिराने की कोशिश है, जबकि विपक्ष का कहना है कि वे जल्द सत्ता संभालेंगे। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में मचाडो ने कहा कि यह समय मजबूती और एकजुटता दिखाने का है।

क्यों मिली मारिया मचाडो को यह सम्मान

58 वर्षीय मारिया को 10 अक्टूबर को नोबेल शांति पुरस्कार मिला। उन्हें लोकतंत्र की बहाली के संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। हालांकि पिछले साल सरकार ने उन्हें राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से रोक दिया था और दमनकारी कार्रवाई जारी रही। चुनाव परिणामों में अनियमितताओं के बाद कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया और मचाडो को भूमिगत होना पड़ा।

अब क्या आगे होने वाला है

मचाडो के समर्थक चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संघर्ष में उनका साथ दे। वेनेजुएला में लोकतंत्र की बहाली की मांग लगातार तेज हो रही है और यह आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है।

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