

तेहरान: ईरान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रति नफरत बढ़ती जा रही है। हाल में ईरान के दो मौलवियों ने ट्रंप और नेतन्याहू को इस्लाम का दुश्मन बताते हुए उनके खिलाफ फतवा जारी किया था। खबर आई है कि एक और मौलवी ने ट्रंप का सिर लाने वाले को इनाम देने की घोषणा की है।
जानकारी के मुताबिक, यह मौलवी ईरान के वेस्ट अजरबैजान प्रांत का रहने वाला है। मौलवी ने खुलेआम ऐलान किया है कि जो कोई भी ट्रंप का सिर लाएगा, उसे 100 अरब तोमान यानी करीब 1.14 मिलियन डॉलर का इनाम दिया जाएगा। माना जा रहा है कि यह ऐलान करने वाला मौलवी ईरान की सरकारी इस्लामिक प्रचार संस्था का अधिकारी है।
इससे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी दो मौलवियों ने डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के लिए फतवा जारी किया था। इसके तुरंत बाद ईरान की एक वेबसाइट THAAR.IR पर चंदा जुटाने का अभियान शुरू किया गया, जिसमें कुछ ही दिनों में लगभग 20 मिलियन डॉलर (लगभग 17 करोड़ रुपये से अधिक) इकट्ठा हो गए। इस अभियान को अब तक दस से अधिक अन्य धार्मिक नेताओं का समर्थन भी मिल चुका है। हालांकि, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने इसमें सरकार की संलिप्तता से इंकार किया है। राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने ट्रंप और नेतन्याहू के खिलाफ जारी फतवे में ईरान की सरकार और अली खामेनेई के शामिल होने से इनकार किया है। पेजेश्कियान ने कहा कि फतवे सरकार की तरफ से नहीं हैं और इसका ईरानी सत्ता या खामेनेई से कोई लेना-देना नहीं है। उनके मुताबिक, ईरान की सरकार ने कभी ट्रंप के खिलाफ कोई आधिकारिक फतवा जारी नहीं किया।
डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ फतवे ने दुनिया को ब्रिटिश लेखक सलमान रुश्दी पर हुए हमले की याद दिला दी। ईरान के पहले सर्वोच्च नेता रुहोल्लाह खोमैनी ने 1989 में रुश्दी के खिलाफ फतवा जारी किया था। इसके बाद रुश्दी सालों तक सुरक्षा घेरे में रहे। लेकिन इसके बाद भी 2022 में उन पर हमला हो गया था, जिसमें उनकी एक आंख चली गई थी। लोगों को शक है कि भविष्य में ट्रंप पर भी ऐसा हमला हो सकता है।