जिंदा जमीन में समाए लोग! इंडोनेशिया के जावा में बारिश के बीच भूस्खलन से तबाही, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
Indonesia Landslide News: इंडोनेशिया के पश्चिम जावा में भारी बारिश के बाद पहाड़ टूटने से भारी तबाही मची है। 34 घर मलबे में पूरी तरह दब गए हैं, जबकि 82 लोगों की तलाश अभी भी जारी है।
- Written By: अमन उपाध्याय
इंडोनेशिया भूस्खलन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Indonesia Java Landslide Latest Update News: इंडोनेशिया के सबसे बड़े और घनी आबादी वाले द्वीप जावा में शनिवार तड़के प्रकृति ने भीषण तबाही मचा दी। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते अचानक एक भयंकर भूस्खलन हुआ जिसने देखते ही देखते कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में कई परिवार मलबे के नीचे दब गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक यह हादसा पश्चिम जावा प्रांत के पश्चिम बांडुंग जिले स्थित पासिर लांगु गांव में सुबह करीब 3 बजे हुआ। उस वक्त अधिकतर लोग गहरी नींद में थे जिससे उन्हें संभलने या सुरक्षित स्थान पर जाने का मौका तक नहीं मिल सका। अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी और पत्थर नीचे आ गिरे जिसने रिहायशी इलाकों को तबाह कर दिया।
मलबे में दफन हुए कई घर
पहाड़ों से आए कीचड़, चट्टानों और पेड़ों के सैलाब ने देखते ही देखते 34 घरों को जमींदोज कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक अब तक 8 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 82 लोगों का अब भी कोई पता नहीं चल पाया है। आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहारी ने जानकारी दी कि इस भयावह हादसे में 24 लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे।
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बचाव कार्य में भारी बारिश बनी बाधा
घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी है, जहां बचावकर्मी और स्थानीय लोग मलबे के नीचे फंसे लोगों को खोजने में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। वहीं पश्चिम जावा आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रमुख तेतेन अली मुंगकु एंगकुन ने बताया कि जमीन की अस्थिरता और लगातार बारिश की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। एहतियात के तौर पर भूस्खलन क्षेत्र से 100 मीटर के दायरे में रहने वाले सभी परिवारों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है।
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इंडोनेशिया में कुदरत का बार-बार प्रहार
इंडोनेशिया में अक्टूबर से अप्रैल तक चलने वाला बारिश का मौसम अक्सर बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं को जन्म देता है। मौजूदा संकट ऐसे वक्त सामने आया है जब हाल ही में दिसंबर में सुमात्रा द्वीप पर आए भीषण सैलाब और भूस्खलन में कम से कम 1,200 लोगों की जान चली गई थी। इससे पहले, पिछले साल जनवरी में मध्य जावा में भी इसी तरह की घटनाओं में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मिट्टी के खिसकने की किसी भी आवाज या संकेत पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है।
