अमेरिका के मिशिगन में यहूदी प्रार्थना स्थल पर हमला (सोर्स-सोशल मीडिया)
Shooting At Jewish Prayer Site: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के मिशिगन से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। वेस्ट ब्लूमफील्ड टाउनशिप में स्थित ‘टेंपल इजराइल’ सिनेनॉग को एक अज्ञात हमलावर ने निशाना बनाने की कोशिश की। इस हमले ने न केवल स्थानीय यहूदी समुदाय को बल्कि पूरी दुनिया को एक बार फिर असुरक्षा के साये में ला दिया है। खुशकिस्मती से सुरक्षाबलों की मुस्तैदी ने एक बड़े हादसे को टलने में मदद की और स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया।
स्थानीय पुलिस के अनुसार हमलावर ने सबसे पहले अपनी तेज रफ्तार गाड़ी को सिनेनॉग की इमारत से जानबूझकर और जोर से टकराया। जैसे ही गाड़ी रुकी उसने बाहर निकलकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी जिससे वहां मौजूद लोगों और कर्मचारियों में भारी अफरा-तफरी मच गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी में तुरंत आग लग गई और चारों तरफ काला धुआं और लोगों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
यह घटना सुबह के समय हुई जब लोग अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में व्यस्त थे और अचानक हुए धमाके की आवाज आई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावर की गाड़ी काफी तेज थी और वह सीधे मुख्य द्वार की ओर बढ़ती चली जा रही थी। इस हमले ने स्थानीय लोगों के मन में गहरा डर पैदा कर दिया है क्योंकि यह जगह हमेशा से शांति का प्रतीक रही है।
वहां तैनात जांबाज सुरक्षा अधिकारियों ने बिना वक्त गंवाए हमलावर पर जवाबी गोलियां चलाईं जिससे उस बंदूकधारी की मौके पर ही मौत हो गई। इस झड़प के दौरान एक सुरक्षा गार्ड को गाड़ी की टक्कर से मामूली चोटें आई हैं जिसका स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जांच के दौरान गाड़ी के पिछले हिस्से से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है।
शेरिफ माइकल बूचार्ड ने बताया कि अगर सुरक्षाकर्मी सही समय पर कार्रवाई नहीं करते तो शायद जान-माल के नुकसान का आंकड़ा बहुत बड़ा होता। गाड़ी से बरामद विस्फोटकों को बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया है ताकि आसपास की अन्य इमारतों को नुकसान न हो। पुलिस अब हमलावर की असली पहचान उजागर करने और उसके पुराने रिकॉर्ड की गहराई से जांच करने के काम में जुटी हुई है।
यह परिसर केवल एक प्रार्थना स्थल नहीं है बल्कि यहां एक अर्ली चाइल्डहुड सेंटर भी चलता है जिसमें छोटे बच्चों का स्कूल और डेकेयर है। घटना के तुरंत बाद एहतियात के तौर पर ब्लूमफील्ड हिल्स के सभी स्कूलों को सुरक्षित मोड यानी लॉकडाउन में डाल दिया गया था। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे इलाके को घेर लिया और वहां सामान्य आवाजाही को पूरी तरह से बंद कर दिया।
परिसर में मौजूद किंडरगार्टन और डेकेयर सेंटर के कारण माता-पिता काफी डरे हुए थे और अपने मासूम बच्चों की सलामती की दुआ कर रहे थे। जूइश फेडरेशन ऑफ डेट्रॉइट ने तुरंत सोशल मीडिया पर अपडेट जारी कर सभी संबंधित संस्थानों को सुरक्षा के लिहाज से बंद करने का आदेश दिया। सुरक्षा अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वे हर एक बच्चे और स्टाफ की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
टेंपल इजराइल की स्थापना साल 1941 में हुई थी और आज यहां लगभग 3,500 परिवारों के करीब 12,000 लोग भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। मिशिगन की गवर्नर ग्रेचेन व्हिटमर ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे यहूदी समुदाय के लिए बेहद हृदयविदारक और दुखद घटना बताया है। उन्होंने कहा कि नफरत और हिंसा के लिए हमारे समाज में कोई जगह नहीं है और सभी को शांति से रहने का अधिकार है।
हालिया अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा एजेंसियां और एफबीआई पहले से ही हाई अलर्ट पर काम कर रही थीं। मिशिगन की गवर्नर ने जोर देकर कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल पर हमला करना मानवता और सभ्यता के लिए एक बहुत बड़ा कलंक है। उन्होंने समुदाय के लोगों से एकजुट रहने और स्थानीय प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है ताकि डर का माहौल खत्म हो।
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विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण हाल के दिनों में दुनिया भर में यहूदी विरोधी घटनाओं में काफी तेजी आई है। FBI के डायरेक्टर काश पटेल और स्थानीय शेरिफ विभाग अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि हमलावर का असली वैचारिक मकसद क्या था। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी किसी अनहोनी को रोका जा सके।
फिलहाल घटनास्थल से उठते धुएं और पुलिस की गाड़ियों के सायरन ने पूरे शांत इलाके में एक अजीब सी तनावपूर्ण खामोशी पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में जांच के जो भी नतीजे निकलेंगे वे यह तय करेंगे कि सार्वजनिक सुरक्षा प्रोटोकॉल में और क्या बड़े बदलाव किए जाने चाहिए।