भूटान को 1500 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देगा भारत, विदेश सचिव की बैठक में लगी मुहर
नई दिल्ली और थिम्पू के द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञाप्ति में बताया गया है कि भारतीय पक्ष ने प्रस्तावों के कार्यान्वयन की प्रगति के अधीन, पहले डेढ़ साल में ईएसपी की पूरी राशि 15 बिलियन न्यू यानी 1,500 करोड़ रुपये प्रदान करने पर सकारात्मक रूप से विचार करने पर सहमति व्यक्त की।
- Written By: शुभम पाठक
इंडिया-भूटान
थिम्पू: भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री अपनी पहली विदेश यात्रा पर भूटान के दौरे पर है। जहां विदेश सचिव विक्रम ने भूटानी समकक्ष ओम पेमा चोडेन के साथ भारत-भूटान विकास साझेदारी के कई क्षेत्रों में कार्यान्वयन के तौर-तरीकों और सहयोग पर समीक्षा की। जिससे भारत और भूटान के बीच के संबंध में एक नई मिठास आने की संभावना जताई जा रही है।
इसके साथ ही खबर ये भी सामने आ रही है कि भारत अब भूटान को आर्थिक मदद करने पर विचार करने वाला है। जिसके लिए जिसके लिए भूटान में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बैठक में सहमती जताई है।
प्रेस विज्ञाप्ति में मिली जानकारी
इस दौरे को लेकर नई दिल्ली और थिम्पू के द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञाप्ति में बताया गया है कि भारतीय पक्ष ने प्रस्तावों के कार्यान्वयन की प्रगति के अधीन, पहले डेढ़ साल में ईएसपी की पूरी राशि 15 बिलियन न्यू यानी 1,500 करोड़ रुपये प्रदान करने पर सकारात्मक रूप से विचार करने पर सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही द्विपक्षीय सहयोग में विकास साझेदारी, ऊर्जा, व्यापार और निवेश, संपर्क और व्यापार बुनियादी ढांचा, प्रौद्योगिकी, लोगों के बीच आपसी संबंध, साथ ही आपसी महत्व के अन्य क्षेत्रीय मुद्दे शामिल हैं।
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भारतीय विदेश सचिव का भूटान दौरा
पदभार संभालने के बाद अपनी पहले दौरे पर भूटान गए विक्रम मिस्री अपने समकक्ष ओम पेमा चोडेन के निमंत्रण पर दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भूटान आए हैं। जहां उन्होंने भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की, वहीं इस क्रम में उन्होंने शुक्रवार को प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे और विदेश मामलों एवं विदेश व्यापार मंत्री डी एन धुंग्याल से मुलाकात की। जिसके बाद आज शनिवार को मिस्री और चोडेन ने 13वीं पंचवर्षीय योजना के तीसरे भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता की सह-अध्यक्षता की – जिसे आमतौर पर ‘योजना वार्ता’ कहा जाता है।
भारतीय दूतावास ने दी जानकारी
इस यात्रा को लेकर जानकारी देते हुए थिम्पू स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री और विदेश सचिव ओम पेमा चोडेन ने 13वीं पंचवर्षीय योजना के तीसरे विकास सहयोग वार्ता की सह-अध्यक्षता की। इसके साथ ही इसमें कहा गया है कि 13वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के तहत विकास साझेदारी के विविध क्षेत्रों में कार्यान्वयन और सहयोग के तौर-तरीकों की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने 12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत बड़ी संख्या में भूटान-भारत विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर संतोष व्यक्त किया और दोनों विदेश सचिवों ने भूटान में 19 स्कूलों का वर्चुअल उद्घाटन किया।
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कई मुद्दों पर हुई चर्चा
इस मामले में जारी प्रेस विज्ञाप्ति में दी गई जानकारी की माने तो दोनों पक्षों ने भूटान नरेश के विजन और सरकार तथा भूटान के लोगों की प्राथमिकताओं के अनुरूप क्षमता निर्माण, औद्योगिक पार्क, खेल, युवा आदान-प्रदान, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ई-मोबिलिटी और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से संबंधित परियोजनाओं को भी मंजूरी दी।
इससे पहले, इस वर्ष मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूटान की राजकीय यात्रा के दौरान उन्होंने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के लिए भारत सरकार की ओर से 100 बिलियन नु यानी 10,000 करोड़ रुपये के विकास सहयोग की घोषणा की थी।
