
भारत-अमेरिका के बीच जल्द होगी ट्रेड डील (सोर्स- सोशल मीडिया)
India-US Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इसका सीधा असर यह होगा कि भारतीय उत्पाद अब अमेरिकी बाजार में पहले से अधिक सस्ते और प्रतिस्पर्धी बनेंगे। नई टैरिफ दर के बाद भारत न केवल अपने दक्षिण एशियाई पड़ोसियों बल्कि एशिया के कई बड़े निर्यातक देशों से भी बेहतर स्थिति में आ गया है।
पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों को अब भी अमेरिका में अपने निर्यात पर अधिक टैक्स देना पड़ रहा है, जबकि भारत को अपेक्षाकृत कम टैरिफ का लाभ मिल रहा है। इससे पहले यूरोपीय संघ के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट न हो पाने के कारण पाकिस्तान और बांग्लादेश को बड़ा झटका लगा था, और वहां के विशेषज्ञों ने लाखों नौकरियों पर खतरे की आशंका जताई थी। अब टैरिफ कटौती के बाद यह सवाल और अहम हो गया है कि इन देशों की प्रतिस्पर्धी स्थिति आगे कैसे रहेगी।
आंकड़ों पर नजर डालें तो पाकिस्तान को अमेरिका में अपने निर्यात पर 19 प्रतिशत टैरिफ देना पड़ रहा है, जबकि बांग्लादेश और श्रीलंका के लिए यह दर 20 प्रतिशत बनी हुई है। अफगानिस्तान पर 15 प्रतिशत टैरिफ जरूर है, लेकिन उसका निर्यात आधार और उत्पादन क्षमता भारत की तुलना में काफी सीमित है।
दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों की तुलना में भी भारत की स्थिति मजबूत दिखती है। वियतनाम पर 20 प्रतिशत टैरिफ लागू है, जबकि इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड और फिलीपींस को 19 प्रतिशत टैक्स देना पड़ रहा है। इस तरह भारत को इन देशों के मुकाबले हल्की लेकिन रणनीतिक बढ़त हासिल हुई है।
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यह बदलाव 2 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई फोन बातचीत के बाद सामने आया। बातचीत के बाद ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका भारत से आने वाले सामानों पर टैक्स घटाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों के लिए सकारात्मक कदम बताया। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने भारत पर लगने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर सीधे 18 प्रतिशत कर दिया है और भारत ने भी अमेरिकी उत्पादों पर अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने पर सहमति जताई है।
इस नए ढांचे में चीन के मुकाबले भारत की स्थिति और मजबूत होती दिख रही है। चीन से अमेरिका जाने वाले सामानों पर अब भी लगभग 34 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा रहा है, जो भारत के मुकाबले करीब दोगुना है। इससे वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों को चीन पर स्पष्ट बढ़त मिलने की संभावना बढ़ गई है।






