मनपा सदन में बढ़ी हिंदी भाषी नेताओं की भागीदारी, BMC में पहली बार 10 मनोनीत नगरसेवक, बदला समीकरण

BMC Mumbai Nominated Corporators: मुंबई मनपा में पहली बार 10 मनोनीत नगरसेवकों की घोषणा होगी। सदन की संख्या 237 पहुंचेगी। दो हिंदी भाषी नेताओं के शामिल होने से राजनीतिक प्रतिनिधित्व को नई पहचान मिलेगी।
The participation of Hindi-speaking leaders in the Municipal Corporation House has increased, with 10 nominated corporators in the BMC for the first time, changing the equation.
Mumbai Municipal Corporation( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Mumbai Municipal Corporation: मुंबई बीएमसी के सदन में बुधवार को 10 मनोनीत (स्वीकृत) नगरसेवकों के नामों की औपचारिक घोषणा की जाएगी। यह पहला मौका है, जब मनपा में मनोनीत सदस्यों की संख्या 5 से बढ़ाकर दस की गई है।

इसके साथ ही 227 निर्वाचित नगरसेवकों के अलावा अब सदन की कुल संख्या बढ़कर 237 हो जाएगी। 10 मनोनीत नगरसेवकों में दो हिंदी भाषी नेताओं के शामिल होने की पुष्टि लगभग तय मानी जा रही है।

भाजपा को ओर से विधान परिषद सदस्य राजहंस सिंह के बेटे नितेश सिंह और उद्धव गुट की ओर से कैलाश पाठक के नाम सामने आए हैं। मनपा सदन में हिंदी भाषी प्रतिनिधियों की यह भागीदारी समुदाय के लिए सम्मान और राजनीतिक पहचान के रूप में देखी जा रही है।

बीजेपी के सबसे अधिक सदस्य

बता दें कि इस बीएमसी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरते हुए सत्ता स्थापित की है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना के 29 नगरसेवकों के साथ महायुत्ति के कुल 118 सदस्य चुने गए। बाद में अजित पवार और शरद पवार गुट के चार नगरसेवकों का समर्थन मिलने से महायुति की संख्या बढ़कर 122 हो गई। मनोनीत नगरसेवकों की संख्या बढ़ने के बाद दलों के बीच कोटे का बंटवारा भी तय हो गया है। इसमें भाजपा को चार, उद्धव ठाकरे गुट को तीन, शिंदे गुट को दी और कांग्रेस को एक मनोनीत सीट मिलने की संभावना है।

उद्धव सेना हिंदी भाषी को बना सकती है मनोनीत सदस्य

सूत्रों के अनुसार भाजपा की ओर से पूर्व विपक्ष नेता प्रवीण छेड़ा, विधायक राजहंस सिंह के पुत्र नितेश सिंह, पार्टी कार्यकर्ता प्रतिक करपे और कमलाकर दलवी के नाम भेजे जा सकते हैं।

उद्धव गुट से साईनाथ दुर्गे, माधुरी मांजरेकर और हिंदी भाषी नेता कैलाश पाठक के नाम चर्चा में हैं। शिंदे गुट से मागाठाणे के विधायक प्रकाश सुर्वे के पुत्र प्रकाश सुर्वे, पूर्व नगरसेवक बालकृष्ण ब्रीद और उमेश माने के नाम प्रस्तावित बताए जा रहे है।

वहीं कांग्रेस की ओर से मालाड के पूर्व नगरसेवक वीरेंद्र चौधरी का नाम आगे किया गया है। जिन्हें विधायक असलम शेख का करीबी माना जाता है। महापौर चुनाव के लगभग दो सप्ताह बाद इन मनोनीत नगरसेवकों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होगी।

हालांकि मनोनीत सदस्यों को सदन या वैधानिक समितियों में मतदान का अधिकार नहीं होता, लेकिन उन्हें निर्वाचित नगरसेवकों के समान विकास निधि मिलती है, जिससे वे वार्ड स्तर पर विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।

मनोनीत नगरसेवकों को भी मिलती है 60 लाख निधि

बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि बीएमसी की सभा में मनोनीत नगरसेवक को किसी भी प्रस्ताव पर वोटिंग यानी मतदान का अधिकार नहीं होता है। यह नगरसेवक किसी समिति के अध्यक्ष भी नहीं बनाए जा सकते हैं।

वहीं अन्य नगरसेवकों की तरह इन्हें भी वार्षिक 60 लाख निधि बतौर नगरसेवक निधि प्रदान की जाती है ताकि यह किसी भी वार्ड के विकास में योगदान दे सकें। जहां 227 चुने हुए नगरसेवक अपने-अपने वार्ड में ही यह निधि खर्च कर सकते हैं, लेकिन मनोनीत नगरसेवक को यह आजादी होती है कि वह शहर के किसी भी वार्ड में निधि की राशि विकास के लिए खर्च कर सकते हैं। बशर्ते कि संबंधित वार्ड के नगरसेवक की सहमति लेनी पड़ती है।

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