भारत की वैश्विक छवि, फोटो (सो. एआई डिजाइन)
World Opinion On India: भारत को लेकर वैश्विक स्तर पर सकारात्मक नजरिया लगातार मजबूत होता जा रहा है। इसी कड़ी में ‘वर्ल्ड ऑफ स्टेटिक्स’ ने प्यू रिसर्च सेंटर की 2023 की रिपोर्ट के आधार पर एक सूची जारी की है जिसमें उन देशों के नाम और प्रतिशत बताए गए हैं, जहां भारत के प्रति सबसे अधिक सकारात्मक सोच देखने को मिली है। इस सूची में इजरायल 71 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है।
| क्रम | देश का नाम | भारत को लेकर सकारात्मक राय (%) |
|---|---|---|
| 1 | इजरायल | 71% |
| 2 | ब्रिटेन | 66% |
| 3 | केन्या | 64% |
| 4 | नाइजीरिया | 60% |
| 5 | दक्षिण कोरिया | 58% |
| 6 | जापान | 55% |
| 7 | ऑस्ट्रेलिया | 52% |
| 8 | इटली | 52% |
| 9 | अमेरिका | 51% |
यूरोप और अन्य क्षेत्रों के कई देशों में भी भारत के प्रति सकारात्मक सोच दर्ज की गई है। जर्मनी और कनाडा में 47-47 प्रतिशत, पोलैंड और स्वीडन में 46-46 प्रतिशत, इंडोनेशिया में 45 प्रतिशत, मेक्सिको में 42 प्रतिशत और नीदरलैंड में 41 प्रतिशत लोग भारत के बारे में सकारात्मक राय रखते हैं। वहीं फ्रांस (39 प्रतिशत), हंगरी (34 प्रतिशत), स्पेन (34 प्रतिशत), ग्रीस (33 प्रतिशत), ब्राजील (33 प्रतिशत), दक्षिण अफ्रीका (28 प्रतिशत) और अर्जेंटीना (22 प्रतिशत) भी इस सूची में शामिल हैं।
इस सूची को सोशल मीडिया पर रिपोस्ट करते हुए भारत में इजरायल के राजदूत रियूवेन अजार ने खुशी जताई। उन्होंने लिखा कि इजरायलियों को भारत से प्यार है। राजदूत की इस प्रतिक्रिया ने दोनों देशों के बीच मजबूत होते रिश्तों को एक बार फिर रेखांकित किया है।
Israelis love India 🥰 https://t.co/FDJzF8jFPa — 🇮🇱 Reuven Azar (@ReuvenAzar) January 16, 2026
दरअसल, भारत और इजरायल के बीच संबंध धीरे-धीरे लेकिन लगातार मजबूत हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र में 1948 में इजरायल के गठन को लेकर भारत का शुरुआती रुख अलग था लेकिन 1950 में भारत ने इजरायल को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दे दी। वर्ष 1992 में दोनों देशों के बीच औपचारिक कूटनीतिक संबंध स्थापित हुए।
रक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी काफी पुरानी है। 1962 के भारत-चीन युद्ध से लेकर 1999 के कारगिल युद्ध तक इजरायल ने भारत को सैन्य सहायता दी। हाल के वर्षों में रक्षा, कृषि, तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्रों में भी सहयोग तेजी से बढ़ा है। 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक इजरायल यात्रा के बाद दोनों देशों के रिश्तों में नई गति देखने को मिली।
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इसके साथ ही सांस्कृतिक संबंध भी दोनों देशों को जोड़ते हैं। लगभग दो हजार साल पहले भारत आए यहूदी समुदाय ने यहां शांतिपूर्ण जीवन बिताया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी कई बार यह बात दोहरा चुके हैं कि भारत ऐसा देश है जहां यहूदियों को कभी उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा। यही वजह है कि आज भारत की छवि दुनिया के कई देशों में बेहद सकारात्मक बनी हुई है।