भारतीयों को ईरान छोड़ने का निर्देश, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Government of India Iran Warning: ईरान में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालातों को देखते हुए भारत सरकार ने शुक्रवार को तीसरी बार ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति भारतीय नागरिकों के लिए अनुकूल नहीं है।
सरकार ने उन सभी भारतीयों को जो वर्तमान में ईरान में हैं किसी भी उपलब्ध साधन या कमर्शियल फ्लाइट के जरिए जल्द से जल्द देश छोड़ने की सख्त सलाह दी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दिल्ली में एक ब्रीफिंग के दौरान बताया कि वर्तमान में ईरान में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या उन छात्रों की है जो वहां उच्च शिक्षा के लिए गए हुए हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में व्यापारी, तीर्थयात्री और पर्यटक भी वहां मौजूद हैं। सरकार ने इन सभी की सुरक्षा और भलाई को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
इस एडवाइजरी में नागरिकों के लिए अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों को उन क्षेत्रों से पूरी तरह दूरी बनाए रखने को कहा गया है जहां विरोध-प्रदर्शन या हिंसक घटनाएं हो रही हैं। साथ ही, सभी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पासपोर्ट, वीजा और पहचान से जुड़े जरूरी दस्तावेज हर समय अपने पास रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कदम उठाया जा सके। इसके अतिरिक्त, भारत में मौजूद लोगों को फिलहाल बिना अत्यावश्यक कारण के ईरान की यात्रा न करने की हिदायत दी गई है।
#WATCH | Delhi | On the situation in Iran, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, “Approximately 9,000 of our citizens are currently residing in Iran. The majority of them are students… In light of the recent developments there, we have issued two or three advisories. In these… pic.twitter.com/ivCAxwr7h9 — ANI (@ANI) January 16, 2026
भारत सरकार ने साफ किया है कि वह ईरान में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए पूरी तरह तैयार है। विदेश मंत्रालय ने सभी भारतीयों से अपील की है कि वे तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क में बने रहें। किसी भी परेशानी या आपात स्थिति में तुरंत दूतावास को सूचित करने को कहा गया है।
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ईरान में चल रहे आंतरिक विरोध प्रदर्शनों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। जैसा कि पिछले घटनाक्रमों से पता चलता है, ईरान में आर्थिक संकट और प्रदर्शनों के कारण हिंसा बढ़ी है, जिसके चलते कई अन्य देशों (जैसे न्यूजीलैंड) ने भी अपने दूतावास बंद कर दिए हैं। भारत सरकार लगातार जमीनी हालात की समीक्षा कर रही है ताकि जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर निकासी अभियान चलाया जा सके।