अदियाला जेल की दीवारों में दफन हैं 142 साल के गहरे राज! पाक आर्मी का काला सच जान दहल जाएंगे आप

Imran Khan Adiala Jail: इमरान खान की सेहत से जुड़ी अफवाहों के बीच पाकिस्तान की कुख्यात अदियाला जेल सुर्खियों में है। 142 साल पुरानी इस जेल में अपराधियों के साथ बड़े नेता भी कैद रह चुके हैं।
The walls of Adiala Jail hold 142 years of dark secrets! You will be shocked to learn the dark truth about the Pakistani Army.
अदियाला जेल में बंद है इमरान खान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Pakistan Adiala Jail history: पाकिस्तान में इमरान खान को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। उनकी शारीरिक स्थिति को लेकर अफवाहों ने देशभर में हलचल मचा दी है।

इसी के साथ एक बार फिर सुर्खियों में आई है रावलपिंडी स्थित अदियाला जेल वही जेल जहां इस समय पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान सजा काट रहे हैं। 142 साल पुरानी यह जेल पाकिस्तान की सबसे कुख्यात जेलों में गिनी जाती है।

क्या है अदियाला जेल का इतिहास?

अदियाला जेल को रावलपिंडी जिला जेल भी कहा जाता है। 1882 में बनी इस जेल का इतिहास कई राजनीतिक और आपराधिक घटनाओं से जुड़ा है। बीते 142 वर्षों में इसे चार बार शिफ्ट किया गया। पहले कमेटी चौक, तेली मोहल्ला रोड के पास इसका संचालन होता था। बाद में यह जुडिशियल कॉम्प्लेक्स के पास पहुंची, जहां यह पूरे 104 साल तक रही। ब्रिटिश राज के दौरान इस जेल का इस्तेमाल स्वतंत्रता सेनानियों को कैद करने और उन्हें क्रूर दंड देने के लिए किया जाता था। आज भी जेल के पास स्थित कब्रिस्तान में कई स्वतंत्रता सेनानियों की कब्रें मौजूद हैं, जो इसके काले इतिहास की गवाही देती हैं।

जब प्रधानमंत्री को दी गई फांसी

पाकिस्तान में नेताओं का जेल जाना आम बात है, लेकिन प्रधानमंत्री को फांसी देना बेहद दुर्लभ घटना है। अदियाला जेल की दीवारें इस चौंकाने वाली घटना की गवाह हैं। इसी जेल में प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को फांसी दी गई थी। इसके अलावा पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, यूसुफ रज़ा गिलानी, शाहिद खाकान अब्बासी और मौजूदा राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी जैसे नेता भी इसी जेल में कैद रह चुके हैं। यहां तक कि वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ भी इस जेल में बंद हो चुके हैं।

खतरनाक आतंकियों का भी अड्डा

अदियाला जेल आतंकवाद से जुड़े सबसे खतरनाक कैदियों की भी ठिकाना रही है। 26/11 मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड जकी-उर-रहमान लखवी इसी जेल में बंद था। उसके साथ आठ अन्य संदिग्ध भी यहीं कैद थे। रिपोर्ट्स बताती हैं कि जिन कैदियों को फांसी की सजा सुनाई जाती है, उन्हें आखिरी दिनों में इसी जेल में रखा जाता है। इसलिए यह जेल पाकिस्तान की सैन्य रणनीति और सुरक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा मानी जाती है।

मिलिट्री की सीधी निगरानी में क्यों रहती है यह जेल?

रावलपिंडी पाकिस्तान सेना के हेडक्वार्टर का शहर है। जाहिर है, अदियाला जेल भी डायरेक्ट मिलिट्री मॉनिटरिंग में रहती है। सेना अपने राजनीतिक विरोधियों और खतरनाक अपराधियों को इसी जेल में रखना पसंद करती है, ताकि उन पर कड़ी नजर बनाई रखी जा सके।

कैदियों के साथ दुर्व्यवहार का खबरें

रिपोर्ट के अनुसार, इस जेल की मे कैदियों के लिए जगह पहले 2700 थी जिसको बाद में बढ़ाकर 3500 तक कर दिया गया। इसके बावजूद जेल में हमेशा क्षमता से कहीं अधिक कैदी ठूंस दिए जाते हैं। इस जेल में दुर्व्यवहार और अव्यवस्थाओं की खबरें अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। कुछ समय पहले यह रिपोर्ट भी सामने आई थी कि यहां एचआईवी संक्रमित कैदियों की संख्या सबसे ज्यादा है 148 कैदी पॉजिटिव पाए गए थे।

इमरान खान की कैद

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के साथ सत्ता से हटाया गया। उनके समर्थक इसे सेना द्वारा रचा गया ‘तख्तापलट’ बताते हैं। अगस्त 2023 में तोशाखाना मामले में गिरफ्तारी के बाद वे लगातार अदियाला जेल में ही बंद हैं और उन पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं। अब उनकी सेहत को लेकर चल रही खबरों ने पाकिस्तान की राजनीति में नई हलचल जोड़ दी है।

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