
ट्रंप और निकोलस मादुरो।
Why US Attack Venezuela: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी सेना अब नए चुनावों तक वेनेजुएला की सत्ता चलाएगी। उन्होंने शनिवार को वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर सैन्य हमला किया था। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस अमेरिका के बंधक हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला को चलाएगा। देश के विशाल तेल भंडार पर कंट्रोल करके अमेरिकी कंपनियों को वहां निवेश करने का अवसर देगा।
बता दें, लैटिन अमेरिका में अमेरिकी हस्तक्षेप की पहली ऐसी घटना है, जिस पर दुनिया भर की नजरें टिकी हैं। 1989 में अमेरिका ने पनामा में भी ऐसे ही साहसिक सैन्य कार्रवाई की थी।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर शनिवार को पोस्ट किया- अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके नेता निकोलस मादुरो पर हमला किया है। मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर देश से बाहर ले गया। ट्रंप ने मार-ए-लागो में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व सफल रहा है। इस ऑपरेशन में अमेरिका के 150 से ज्यादा फाइट प्लेन शामिल थे।
देर रात काराकास में कई हवाई हमले हुए। अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने निकोलस मादुरो को उनके बेडरूम से पकड़ किया। मादुरो को ग्रे स्वेटशर्ट में, आंखों पर ब्लैकआउट गॉगल्स और कान पर हेडफोन लगाकर USS इवो जिमा प्लेन पर ले जाया गया। बाद में उन्हें न्यूयॉर्क के स्टीवर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर उतारा, जहां से हेलिकॉप्टर से मैनहट्टन पहुंचाया गया। मादुरो को मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा। सोमवार को कोर्ट में पेशी होगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को नई सत्ता के आने तक चलाएगा। हम देश चलाएंगे, ताकि कोई गलत व्यक्ति सत्ता में न आए। हमारी बड़ी तेल कंपनियां अरबों डॉलर निवेश करेंगी। वहां की खराब इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक करेंगी।
ट्रंप ने मॉनरो डॉक्ट्राइन का जिक्र कर कहा कि यह डॉनरो डॉक्ट्राइन बन गई है। पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिकी प्रभुत्व ही रहेगा। उन्होंने मादुरो पर आरोप लगाया कि वह ड्रग तस्करी में शामिल थे। वो अपराधियों को अमेरिका भेज रहे थे। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने नया अभियोग जारी किया है। उसमें निकोलस मादुरो, उनकी पत्नी और बेटे पर नार्को-टेररिज्म, कोकेन आयात और हथियारों की साजिश के आरोप लगाए हैं। 2020 के पुराने अभियोग को अपडेट किया है। ट्रंप प्रशासन ने इसे गिरफ्तारी बताया। अमेरिका ने पनामा के नोरिएगा केस (1989) का हवाला दिया है।
काराकास में सड़कें सूनी और दुकानें बंद कर दी गईं हैं। मादुरै के समर्थक हथियार लेकर घूम रहे हैं। उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इसे किडनैपिंग बताया है। उन्होंने कहा कि मादुरो को रिहा किया जाना चाहिए। यह किसी देश की संप्रभुता का उल्लंघन है।
विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो ने एडमुंडो गोंजालेज को सत्ता सौंपने की मांग की। हालांकि, ट्रंप ने माचाडो को नेतृत्व के लिए अयोग्य बताया। वेनेजुएला में कुछ जगह जश्न मन रहा है। मगर, राजधानी काराकास में डर का माहौल है।
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ब्राजीलाई राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा लुला ने इसे संप्रभुता पर हमला बताया है। मेक्सिको, क्यूबा, चीन और रूस ने हमले की निंदा की है। चीन ने इसे संप्रभु राष्ट्र पर हमला बताया। ब्रिटेन ने कहा कि निकोलस मादुरो अवैध गतिविधियों में लिप्त थे। संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे दुनिया के लिए खतरनाक बताया है।
अमेरिका में डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस को बिना बताए हमले की आलोचना की है। इसे अवैध युद्ध बताया। रिपब्लिकन्स ने समर्थन किया है।






