चीन नहीं, अब US बन रहा विलेन! ट्रंप की वापसी से दुनिया में अमेरिका की बिगड़ी छवि

Donald Trump News: डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और लोगों के बीच घटते भरोसे के कारण अमेरिका की वैश्विक छवि खराब होती जा रही है। प्यू रिसर्च सेंटर की हालिया रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने चीन पर लगाए गए टैरिफ सस्पेंशन को 90 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया है। साथ ही उन्होंने ये भी जानकारी दी है कि उन्होंने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइन किया है।
अमेरिका और चीन (सो. सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली: प्यू रिसर्च सेंटर के एक नए सर्वेक्षण से पता चला है कि विश्व के कई देशों में चीन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के प्रति लोगों का नजरिया पहले से बेहतर हुआ है, जबकि अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की छवि में गिरावट देखी गई है। यह सर्वेक्षण लगभग 25 देशों में कराया गया, जिसके नतीजे मंगलवार को सामने आए।

सर्वे के अनुसार, दोनों महाशक्तियों और उनके नेताओं के प्रति वैश्विक धारणा में पहले के मुकाबले अब कम अंतर दिखाई देता है। जब जो बाइडन अमेरिका के राष्ट्रपति थे, तब उनकी और शी जिनपिंग की छवि में काफी अंतर था, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में वापसी के बाद से अमेरिका की वैश्विक प्रतिष्ठा में लगातार कमी आई है।

अब अमेरिका उतना भरोसेमंद सहयोगी नहीं

पीयू सेंटर ने यह अध्ययन जनवरी से अप्रैल 2025 के बीच किया। इसमें 25 देशों में करीब 30,000 लोगों से बात की गई। लोगों से पूछा गया कि वे अमेरिका और चीन और उनके नेताओं के बारे में क्या सोचते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सामने आया कि केवल आठ देशों ने अमेरिका को एक बेहतर सहयोगी के रूप में देखा, जबकि सात देशों ने चीन को अधिक विश्वसनीय भागीदार माना। दो देशों ने अमेरिका और चीन दोनों को समान रूप से सहयोगी बताया। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वैश्विक दृष्टिकोण में यह बदलाव क्यों आया है।

रिसर्च की एसोसिएट डायरेक्टर लॉरा सिल्वर के अनुसार, अब कई देशों को अमेरिका उतना भरोसेमंद सहयोगी नहीं लगता जितना पहले था, और उसके प्रति विश्वास भी घटा है। वहीं दूसरी ओर, चीन को भले ही मानवाधिकारों और महामारी से निपटने की नीतियों को लेकर आलोचना झेलनी पड़ी हो, लेकिन कुछ देशों की नजर में वह अब भी एक मजबूत सहयोगी बना हुआ है।

डेमोक्रेट सांसदों ने बताई ये वजह

कुछ अमेरिकी डेमोक्रेट सांसदों ने कहा कि ट्रंप प्रशासन की नीतियों से चीन को फायदा मिल गया। ट्रंप की विदेशी मदद में कटौती, टैरिफ, यूनिवर्सिटी वीजा रोकना जैसे कुछ कारण हो सकते हैं। जब जो बाइडन अमेरिकी राष्ट्रपति थे तब अमेरिका की छवि चीन से ज्यादा बेहतर मानी जाती थी। लेकिन अब कई देशों में यह फर्क कम हो गया है। अमेरिका को नहीं मानते पहले जैसा साथी: प्यू ने सीधे वजह नहीं बताई। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक ये साफ दिख रहा है कि ट्रंप पर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है, इसलिए चीन कुछ लोगों को बेहतर विकल्प लग सकता है।

ट्रंप पर 24% ही करते हैं भरोसा 10 अमीर देशों जैसे कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली में अमेरिका के लिए सकारात्मक राय 51% से गिरकर 35% पर आ गई चीन के लिए राय 23% से बढ़कर 32% अच्छी हो गई लोगों का टूप पर भरोसा 24% ही है। जबकि पिछले साल बाइडन पर भरोसा 53% था शी जिनपिंग पर 17% से 22% तक थोड़ा भरोसा बढ़ा

ट्रंप पर 24% लोग करते हैं भरोसा

दुनिया के 10 अमीर देशों जैसे कनाडा, फ्रांस, जर्मनी और इटली में अमेरिका के प्रति सकारात्मक राय घटकर 51% से 35% रह गई है। वहीं चीन को लेकर लोगों की राय पहले से थोड़ी बेहतर हुई है 23% से बढ़कर 32% तक पहुंच गई है। वहीं, ट्रंप पर दुनियाभर में सिर्फ 24% लोगों को भरोसा है, जबकि पिछले साल जो बाइडन पर 53% लोगों को भरोसा था। इसके मुकाबले, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर भरोसा 17% से बढ़कर 22% तक पहुंच गया है।

भारत में 60% लोग अमेरिका के साथ

भारत में 60% लोग मानते हैं कि अमेरिका के साथ मजबूत आर्थिक संबंध जरूरी हैं। इसके मुकाबले, चीन को लेकर लोगों की रुचि काफी कम है सिर्फ 9% ही चीन के साथ आर्थिक रिश्तों को अहम मानते हैं। वहीं, 12% लोग ऐसे भी हैं जो मानते हैं कि भारत को अमेरिका और चीन दोनों के साथ आर्थिक संबंध बनाए रखने चाहिए।

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