Malviya Nagar Fire Accident: दिल्ली होटल अग्निकांड को लेकर वर्ल्ड मीडिया ने सुरक्षा इंतजामों पर उठाए सवाल
Delhi Fire Accident Update: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन नामक होटल में आग की घटना में 21 लोगों की मौत हो गई जिसमें कुछ विदेशी भी शामिल थे। जिस कारण यह घटना अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है।
- Written By: स्निग्धा श्रीवास्तव
Fire Accident (सोर्स- AI)
World Media On Malviya Nagar Fire Accident: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन नामक होटल में आग की बेहद दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। अभी तक इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों के जिंदा जल जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। आग इतनी तेजी से फैला कि वहां मौजूद लोगों के पास जान बचाने के लिए इमारत की ऊपरी मंजिलों से कूदने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प ही नहीं था। दिल दहला देने वाली इस अग्निकांड में मरने वालों में कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल थे। जो भारत में अपना इलाज कराने आए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
आइए जानते है क्या कहते है विदेशी रिपोर्ट
दिल्ली का यह अग्निकांड अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में छा गया है। कतर से लेकर ब्रिटेन, स्पेन और जर्मनी तक के प्रमुख मीडिया संस्थानों ने इस घटना को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भारत में भवन सुरक्षा मानकों और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक दिल्ली में आगजनी की घटना आम बात हो गई है।
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भारत में आग की घटनाएं अक्सर होती हैं
कतर के अल जजीरा ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि भारत में आग की घटनाएं अक्सर होती हैं। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में आग जिस इमारत में लगी, जिसके निचले हिस्से में एक रेस्तरां था और ऊपर होटल चल रहा था। आग लगते ही इमारत में धुआं भर गया और कई लोग अंदर फंस गए। कुछ लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों पर आ गए थे और मदद के लिए चिल्ला रहे थे। आसपास के लोगों ने राहत कार्य में मदद की और कई घायलों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया।
अल जजीरा ने आरोप लगाते हुए लिखा कि भारत में आग लगने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। कई इमारतों में सुरक्षा के जरूरी इंतजाम पूरे नहीं होते, इसलिए जब आग लगती है तो बड़ा नुकसान होता है और लोगों की जान भी चली जाती है।
इलाज के लिए भारत आए थे विदेशी
ब्रिटिश मीडिया BBC की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण दिल्ली इमारत में लगी आग से मरने वालों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जो इलाज के लिए भारत आए थे। यह इमारत एक गेस्ट हाउस (बेड एंड ब्रेकफास्ट) की तरह इस्तेमाल की जा रही थी, जहां पास के प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा रहे मरीज और उनके परिवार वाले रुकते थे।
हालांकि आग लगने के समय इमारत में मौजूद लोगों के बारें जानकारी नही मिली है। दमकल अधिकारी ने बताया कि आग को काफी जल्दी कंट्रोल कर लिया गया था और अब इमारत पुलिस को सौंप दी गई है।
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दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इमारत को गेस्ट हाउस के तौर पर इस्तेमाल की इजाजत थी या नहीं..इसकी जांच की जा रही है। अगर किसी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त़ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग बहुत तेजी से फैली, जिससे ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग फंस गए। कई लोगों ने जान बचाने के लिए दूसरी और तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों की मदद से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
भारत में आग लगने की ऐसी घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। जांच रिपोर्ट्स में कई बार खराब बिजली व्यवस्था, सुरक्षा नियमों की अनदेखी को ऐसे हादसों की बड़ी वजह बताया गया है।
स्पेन और जर्मनी के मीडिया की कवरेज
स्पेनिश मीडिया एल पाइस और जर्मनी के DW न्यूज के रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में बुधवार को भीषण आग लग गई। अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने की सूचना दमकल विभाग को देर से मिली थी।
प्रशासन ने बताया कि होटल की निचली मंजिल पर चल रहे रेस्तरां के कारण आग लगी होगी। हालांकि आग लगने की असली वजह का अभी पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है।
मरने वालों में सेंट्रल एशिया और अफ्रीका के कई नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। ये लोग भारत में इलाज या अन्य काम से आए हुए थे। पुलिस के मुताबिक, दमकल की 8 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 40 से ज्यादा लोगों बचाया गया।
जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदना पड़ा
ब्रिटिश मीडिया द सन ने लिखा कि दक्षिण दिल्ली के होटल में आग इतनी तेजी से फैली कि ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनियों से कूदना पड़ा। आसपास के लोगों ने सड़क पर गद्दे बिछा दिए, जिससे कुछ लोगों की जान बच गई। दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में इमारत से निकलती आग की ऊंची लपटें और एक महिला पहली मंजिल से छलांग लगाती भी दिखाई दे रहें है।
बता दें कि बिल्डिंग में फ्लरिश स्टे नाम का होटल चल रहा था। बिल्डिंग हौज रानी गांव में बेहद संकरी गली में बना है। यहां एक लाइन से कई इमारतें एकदम सटी हुई बनी हैं। जिसे ‘मैच बॉक्स’ बिल्डिंग यानी माचिस की डिब्बी जैसे बनी इमारतें कह सकते है। ऐसे जगहों पर आने के लिए मात्र एक ही रास्ता होता है। और ऐसी जगह पर आग जैसी घटना हो जाए तो इससे बचने के लिए कोई और रास्ता ही नहीं होता।
मैक्स अस्पताल के पास बने इस होटल में कुल 24 कमरे थे जो मुख्य रूप से साकेत मैक्स हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए थी। लोग यहां अपनों के इलाज के लिए आते है..रूकते है और इलाज पूरा होने के बाद अपने घर लौट जाते हैं। बांग्लादेश, अफ्रीका और भारत के आसपास अन्य देशों से इलाज के लिए आने वाले लोग भी यही रुकते थे। इन सभी कमरों में ज्यादातर विदेशी लोग ठहरे हुए थे। रेस्टोरेंट में लगी आग कम समय में पूरी बिल्डिंग में फैल गई और लोगों के पास भागने का रास्ता भी नहीं बचा। लोगों को अपनी जाने बचाने के लिए खिड़की के कांच तोड़कर इमारतों से नीचे कूदना पड़ा।
मेयर ने उच्चस्तरीय जांच के दिए आदेश
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर दिल्ली मेयर प्रवेश वाही ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने निगमायुक्त को पत्र लिखकर आग लगने के कारणों की बारीकी से जांच कराने और तीन दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है या किसी भी तरह की प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
