Nepal ID Card: नेपाल की बड़ी मांग, भारत आने-जाने के लिए नेपालियों को NID कार्ड से मिले भारी छूट
Nepal ID Card: भारत और नेपाल के बीच यात्रा को आसान बनाने के लिए नेपाल सरकार ने अपने नए बायोमेट्रिक राष्ट्रीय पहचान पत्र को आधिकारिक दस्तावेज के रूप में मान्यता देने का भारत से अनुरोध किया है।
- Written By: प्रिया सिंह
नेपाल आईडी कार्ड (सोर्स- सोशल मीडिया)
India Discuss Biometric Nepal ID Card For Cross Border Travel: भारत और नेपाल के बीच रोजाना हजारों लोग सीमा पार आते-जाते हैं। अब इस सफर को पहले से कहीं ज्यादा आसान बनाने के लिए दोनों देशों के बीच बड़ी बातचीत चल रही है। नेपाल सरकार ने भारत से आधिकारिक तौर पर एक बहुत ही अहम अनुरोध किया है। नेपाल चाहता है कि उसके नए बायोमेट्रिक राष्ट्रीय पहचान पत्र को दोनों देशों के बीच यात्रा के लिए एक मान्य दस्तावेज के तौर पर पूरी तरह से स्वीकार किया जाए।
अगर भारत सरकार नेपाल के इस अहम प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा देती है, तो नेपाली नागरिकों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी। नेपालियों को भारत आने-जाने के लिए बार-बार अपना पासपोर्ट या पुराना नागरिकता प्रमाण पत्र साथ लेकर घूमने की मजबूरी से हमेशा के लिए बड़ी राहत मिल जाएगी। नेपाल के इमीग्रेशन विभाग के महानिदेशक राम चंद्र तिवारी ने पुष्टि की है कि यह बड़ा प्रस्ताव विदेश मंत्रालय के जरिए नई दिल्ली भेजा जा चुका है। नेपाली अधिकारी अब आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
भारत के जवाब का इंतजार
नेपाली अधिकारी फिलहाल भारत सरकार के आधिकारिक जवाब का बहुत ही बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हाल ही में काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के एक प्रतिनिधिमंडल ने नेपाल के इमीग्रेशन विभाग के अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर उच्च स्तरीय बैठक भी की थी। सूत्रों के अनुसार, भारतीय पक्ष इस नई पहल को लेकर काफी सकारात्मक नजर आ रहा है। अब इस मामले को अंतिम फैसले के लिए नई दिल्ली स्थित शीर्ष अधिकारियों के पास भेज दिया गया है।
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मौजूदा यात्रा के कड़े नियम
मौजूदा नियमों के तहत अगर कोई नेपाली नागरिक हवाई मार्ग या सड़क मार्ग से भारत आता है, तो उसे अपनी पहचान दिखानी होती है। उसे वैध पासपोर्ट या मूल नागरिकता प्रमाण पत्र दिखाना हर हाल में अनिवार्य होता है। वहीं दूसरी ओर भारतीय नागरिकों को नेपाल में प्रवेश करने के लिए पासपोर्ट या फोटो वाला मूल मतदाता पहचान पत्र दिखाना होता है। दोनों देशों के बीच बिना वीजा के आवाजाही की छूट पहले से ही लागू है।
पुराने प्रमाण पत्र होंगे खत्म
नेपाल सरकार अब धीरे-धीरे पुराने नागरिकता प्रमाण पत्र को पूरी तरह से खत्म करने की बहुत बड़ी योजना बना रही है। बैंक खाता खुलवाने, जमीन की रजिस्ट्री, पासपोर्ट बनवाने और तमाम सरकारी सेवाओं के लिए बायोमेट्रिक एनआईडी कार्ड को अब अनिवार्य किया जा रहा है। भविष्य में नेपाल में केवल यही एक मुख्य पहचान पत्र रहेगा। इसी वजह से नेपाल चाहता है कि भारत भी इसे आधिकारिक मान्यता दे दे।
कार्ड में हैं आधुनिक फीचर्स
नेपाल के अधिकारियों का साफ कहना है कि यह नया बायोमेट्रिक कार्ड किसी भी तरह के फर्जीवाड़े को रोकने में बेहद असरदार है। इसमें नागरिक का फिंगरप्रिंट, चेहरे की डिजिटल फोटो और आईरिस स्कैन जैसे उन्नत बायोमेट्रिक फीचर्स अच्छी तरह से शामिल हैं। इन बेहतरीन बायोमेट्रिक फीचर्स की वजह से यह नया पहचान पत्र कागजी नागरिकता प्रमाण पत्र की तुलना में काफी ज्यादा सुरक्षित और आधुनिक है।
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लाखों लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
साल 2009 में नेपाल के पांचथर जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई इस योजना के तहत 45 लाख से अधिक नागरिकों को कार्ड जारी हुआ है। इसके अलावा 2 करोड़ से ज्यादा आवेदन अभी भी प्रक्रिया में हैं। पिछले साल के आंकड़ों के मुताबिक लगभग 1.5 लाख नेपाली नागरिकों ने हवाई मार्ग से भारत की यात्रा की थी। भारत की मंजूरी मिलते ही सड़क और हवाई मार्ग के लाखों यात्रियों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
