मालवीय नगर अग्निकांड में एक ही परिवार के 8 लोगों की गई जान, झकझोर देगी गुरुग्राम के विवेक की यह कहानी

Malviya Nagar Hotel Fire Accident: हादसे में गुरुग्राम के एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक, ये परिवार मैक्स हॉस्पिटल में एक परिजन का इलाज कराने के लिए लिए आए हुए थे।
8 people from one family died in malviya nagar hotel fire accident
मालवीय नगर अग्निकांड में एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत, (सोर्स- AI)
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Malviya Nagar Hotel Fire Accident: दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह एक होटल में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में ज्यादातर विदेशी नागरिक शामिल हैं, जो सेंट्रल एशिया और अफ्रीकी देशों से भारत आए थे। दिल्ली अग्निश्मन विभाग और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, होटल के रेस्टोरेंट में सुबह 8:50 बजे आग लगी। जिसके बाद भीषण आग ने ऊपरी मंजिलों पर बने होटल के रूम और बेसमेंट को अपने चपेट में ले लिया।

इस भवायह हादसे में गुरुग्राम के एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये परिवार मैक्स हॉस्पिटल में एक परिजन का इलाज कराने के लिए लिए आए हुए थे। घटना के वक्त ये सभी लोग होटल में नाश्ता कर रहे थे।

बेटी-दामाद समेत परिवार के 8 लोगों की मौत

जैसे ही इस हादसे की जानकारी सामने आई, मालवीय नगर स्थित होटल में ठहरे हुए लोगों के परिजन मैक्स अस्पताल के बाहर जुट गए। अस्पताल में कुल 39 लोगों को भर्ती कराया गया था, जिनमें 18 की मौत हो चुकी थी। दिल्ली के महावीर एनक्लेव के रहने वाले प्रेम बंसल भी जब यहां पहुंचे तो उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इस दर्दनाक हादसे में बेटी-दामाद समेत उनके परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई। प्रेम बंसल के दामाद विवेक अग्रवाल गुरुग्रीम के सेक्टर-46 के निवासी थे।

नाश्ता के लिए रेस्टोरेंट में गया था परिवार

विवेक अग्रवाल सेक्टर-46 के मकान नंबर 3169 में परिवार के साथ रहते थे। पेशे से वह सीए थे। इस मकान के ग्राउंड फ्लोर पर विवेक अग्रवाल अपनी पत्नी तर्जनी, मां प्रेमलता, पिता राधेश्याम अग्रवाल, बेटी जीविशा और वारिया के साथ रहते थे। विवेक के पिता राधेश्याम की इलाज के लिए उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल में एडमिट किया गया था। बुधवार को विवेक के मौसा-मौसी पिता से मिलने के लिए दिल्ली आए थे। उसके बाद विवेक सुबह साढ़े आठ बजे सभी को लेकर रेस्टोरेंट में नाश्ता करने के लिए गए थे, जहां सभी काल के गाल में समा गए।

सेक्टर-46 के आरडब्ल्यूए प्रधान राजकुमार यादव ने बताया कि विवेक अग्रवाल पेशे से सीए थे और काफी सालों से सेक्टर-46 में रह रहे थे। मकान की पहली और दूसरी मंजिल को किराए पर भी दिया हुआ था। विवेक अग्रवाल के साथ उनकी पत्नी तर्जनी, बेटियों जीविशा, वारिया, मां प्रेमलता, मौसा अशोक गोयल, मौसी कमला, और परिवार के सदस्य झिमरी अग्रवाल की मौत हो गई है।

छह महीनों में 66 लोगों की मौत

शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए 40 लोगों को होटल से बाहर निकाला गया है। जिसमें कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, होटल के बेसमेंट से भी छह लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। होटल में आग कैसे लगी और इसकी वजह क्या है? इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। पिछले छह मीहनों में दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में घटित आग की घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है।

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