
ट्रंप का गाजा प्लान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
UN Gaza Resolution: गाजा लंबे संघर्ष, हिंसा और अस्थिरता के दौर से गुजरने के बाद अब एक नए भविष्य की ओर देख रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 20-बिंदुओं वाले गाजा पीस प्लान को मंजूरी मिलना इस दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। इस प्लान के तहत गाजा को एक “कट्टरपंथ और आतंक मुक्त क्षेत्र” के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है, जहां पुनर्निर्माण सीधे स्थानीय जनता के हित में किया जाएगा।
ट्रंप ने इस प्रस्ताव के पारित होने को “ऐतिहासिक क्षण” बताया और कहा कि यह कदम वैश्विक शांति के लिए निर्णायक साबित होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गाजा के लिए बनाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रशासनिक ढांचे ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की अध्यक्षता स्वयं डोनाल्ड ट्रंप करेंगे। इस बोर्ड में दुनिया के प्रभावशाली और अनुभवी नेता शामिल होंगे, जो गाजा के प्रशासन, सुरक्षा और पुनर्निर्माण के लिए संयुक्त रूप से काम करेंगे।
1. प्रशासनिक ढांचा: गाजा के दैनिक प्रशासन के लिए एक तकनीकी और गैर-राजनीतिक फिलीस्तीनी कमेटी नियुक्त की जाएगी। यह कमेटी स्वास्थ्य, शिक्षा, नागरिक सेवाएं और सार्वजनिक सुविधाओं का संचालन करेगी, जिसकी निगरानी बोर्ड ऑफ पीस करेगा।
2. पुनर्निर्माण और अर्थव्यवस्था: गाजा के नष्ट हो चुके बुनियादी ढांचे को विश्व बैंक के सहयोग से पुनर्निर्मित किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय फंडिंग को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत खर्च किया जाएगा ताकि आर्थिक सुधार तेजी से आगे बढ़ सके।
3. मानवीय सेवाएं: बोर्ड गाजा में स्वास्थ्य सुविधाओं, खाद्य आपूर्ति, आपातकालीन राहत और मानवीय सहायता कार्यक्रमों का समन्वय करेगा, जिससे स्थानीय आबादी को तुरंत राहत पहुंच सके।
4. सुरक्षा और ISF की भूमिका: सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए एक इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स (ISF) गठित की जाएगी, जिसमें कई देशों के सैनिक शामिल रहेंगे। यह बल सीमाओं की सुरक्षा, युद्धविराम की निगरानी और गैर-राज्य सशस्त्र समूहों के हथियारों को निष्क्रिय करने का काम करेगा।
5. राजनीतिक संक्रमण: ट्रांजिशनल अवधि के दौरान बोर्ड ऑफ पीस गाजा के प्रशासन को एक नई फिलीस्तीनी अथॉरिटी को सौंपने की प्रक्रिया की निगरानी करेगा।
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इस प्लान की सबसे बड़ी रुकावट हमास है। योजना के अनुसार, हमास सदस्यों को हथियार छोड़ने पर गाजा में रहने या किसी अन्य देश जाने की अनुमति होगी। लेकिन हमास ने सार्वजनिक रूप से अमेरिकी और इजरायली शर्तों को ठुकरा दिया है। निजी वार्ताओं में उसने संकेत दिए हैं कि यदि इजरायल गाजा से पीछे हटे और दीर्घकालिक युद्धविराम हो, तो वह भारी हथियार छोड़ सकता है लेकिन अपने लड़ाकों के व्यक्तिगत हथियार रखने की मांग पर अड़ा हुआ है।






