दुनिया में जंग के हालात। इमेज-सोशल मीडिया
Colombia J-10C Deal: कुछ समय से अमेरिका कई सख्त फैसले ले रहा है। चाहे वह टैरिफ लगाना हो या रूस-यूक्रेन युद्ध में दखलंदाजी देकर डील रोकना हो, या ईरान में प्रदर्शन के बीच मिलिट्री एक्शन की धमकी देनी हो। अमेरिका के ताजा बयान और एक्शन ने दुनिया में भूचाल लाया है। वहीं, वेनेजुएला पर मिलिट्री एक्शन और राष्ट्रपति को हिरासत में लेने के बाद क्यूबा, कोलंबिया और ग्रीनलैंड पर भी कब्जे की वकालत कर रहा।
इसी बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जो बताती है कि इस साल के शुरू होते जियो पॉलिटिक्स पूरी तरह बदल गई है। एक वक्त था, जब कहीं जंग होती थी तो अमेरिका हथियार पहुंचाकर जमकर कमाई कर था। अब ऐसी स्थिति में कई देश अमेरिका के बजाय चीन की ओर रूख कर रहे।
मिलिट्री वॉच मैगजीन की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व के तहत की गई कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अपहरण के बाद अब कोलंबिया पर हमले के काले बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तीखे बयानों ने कोलंबिया को अपनी सुरक्षा रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि कोलंबिया पर वेनेजुएला जैसी ही सैन्य कार्रवाई करना उन्हें बढ़िया लगता है। उन्होंने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो पर कोकीन तस्करी का आरोप लगाया और कोलंबिया को बहुत बीमार देश करार दिया।
कोलंबियाई राष्ट्रपति पेट्रो ने कह दिया है कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हथियार उठाने के लिए तैयार हैं। कोलंबिया अपने पुराने और बेकार फ्रांसीसी-इजरायली Kfir लड़ाकू विमानों को बदलने के लिए अमेरिकी F-16 या स्वीडिश ग्रिपेन पर विचार कर रहा था। मगर, अब हालात बदले हैं। कोलंबिया को डर है कि वह अमेरिका से विमान खरीदेगा तो युद्ध के दौरान अमेरिका उन विमानों का कंट्रोल खुद के पास रखेगा। उन्हें निष्क्रिय भी कर देगा। ऐसे में चीन का J-10C कोलंबिया के लिए वरदान साबित हो सकता है। कोलंबिया के सामने बड़ी चुनौती है कि वह ऐसे हथियार न खरीदे जिनकी चाबी दुश्मन के पास हो।
चीन लंबे समय से लैटिन अमेरिका में पैर पसारने की कोशिश कर रहा। J-10C उसके लिए बड़ा मोहरा है। J-10C न केवल अमेरिकी विमानों से सस्ता, बल्कि लैटिन अमेरिका का सबसे सक्षम लड़ाकू विमान बन सकता है। वहीं, इसमें इस्तेमाल होने वाली तकनीकें चीन के सबसे आधुनिक J-20 प्रोग्राम से ली गई हैं। इसमें आधुनिक रडार और डेटा शेयरिंग तकनीक भी लगी है। J-10C के साथ चीन अपनी सबसे घातक PL-15 और PL-10 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें दे रहा, जो दुश्मन के विमान को पलक झपकते तबाह कर सकती हैं।
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अमेरिका की धमकियों के बीच कोलंबिया ने हाथ पर हाथ रखकर बैठना बंद कर दिया। यही कारण है कि कोलंबिया ने 1.6 अरब डॉलर का नेशनल एंटी ड्रोन शील्ड प्रोग्राम शुरू किया है, ताकि वह अमेरिकी ड्रोन के हमलों का जवाब दे सके। अब कोलंबिया का रक्षा मंत्रालय इस बात पर गहराई से विचार कर रहा कि क्या उन्हें चीन या रूस जैसे देशों से विमान खरीदने चाहिए, जिन पर अमेरिका का बस न चले।
रिपोर्ट इशारा करती है कि अमेरिका की आक्रामक विदेश नीति खुद उसी के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है। J-10C के रूप में चीन के पास कोलंबिया में घुसने का एक सुनहरा मौका है। कोलंबिया यह डील करता है तो यह अमेरिका के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक झटका होगा।