‘US को नहीं दी एयरबेस इस्तेमाल की मंजूरी’, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ट्रंप का कीर स्टार्मर पर बड़ा आरोप
US Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में इस समय हाहाकार मचा हुआ है, इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर जमकर हमले लिए, इसी बीच अमेरिका का डिएगो गार्सिया को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है।
- Written By: सजल रघुवंशी
DONALD TRUMP (SOURCE SOCIAL MEDIA)
Donald Trump On Diego Garcia: मिडिल ईस्ट में मचे हाहाकार के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उन्होंने कहा है कि ब्रिटिश पीएम ने उन्हें डिएगो गार्सिया एयरबेस का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी। ट्रंप ने ब्रिटेन सरकार के इस फैसले पर गहरा असंतोष जताया है।
द टेलीग्राफ को दिए गए एक इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि कीर ने अपना निर्णय बदलने में बहुत ज्यादा समय लगा दिया,उन्होंने यह भी बताया कि हमारे देशों के बीच ऐसा पहले कभी नहीं हुआ होगा, और आगे कहा कि ऐसा लगता है कि उन्हें वैधता को लेकर चिंता थी।
ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने यह भी कहा कि अचानक से डिएगो गार्सिया वाले इस विवाद में मॉरीशस अपना अधिकार जताने लगा, सच तो यह है कि उन्हें इसका विरोध करना चाहिए था। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि हम कीर से बहुत निराश थे। इसके अलावा ट्रंप ने यह भी सुझाव दिया कि कीर स्टार्मर को डिएगो गार्सिया के अमेरिकी उपयोग को हमेशा से ही मंजूरी देनी चाहिए थी।
सम्बंधित ख़बरें
Explainer: ईरान ने कर दिया मोसाद वाला कारनामा! इजरायल में खड़ी की जासूसों की फौज, नेतन्याहू की नींद हराम
ट्रंप की ईरान को बड़ी चेतावनी… अमेरिकी सैनिक की जान ली तो चुकानी पड़ेगी कई गुना कीमत
ट्रंप ने कनाडा पर फोड़ा 50% का टैरिफ बम, ट्रेड वॉर की आहट से वैश्विक बाजार में मची खलबली
युद्ध का ऐलान होते ही एक्शन में ईरान, कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर दागीं मिसाइलें, ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी
यूएस को क्यों नहीं दी थी अनुमति?
दरअसल, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच कीर स्टार्मर ने अमेरिका को अंतराष्ट्रीय कानूनों का हवाला देकर परमिशन नहीं दी थी। साथ ही स्टार्मर ने कहा था कि ईरान पर हुए शुरुआती अमेरिकी-इजरायल हमलों में ब्रिटेन शामिल नहीं था और अब भी वह सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होगा।
यह भी पढ़ें: कुवैत में अमेरिका के तीन F-15E ढेर, ईरान नहीं दोस्त ने ही दे दिया दगा! करोड़ों डॉलर का नुकसान
क्या है डिएगो गार्सिया का इतिहास?
दरअसल, डिएगो गार्सिया, चागोस द्वीपसमूह का सबसे बड़ा द्वीप है। 1970 के दशक में ब्रिटेन सरकार ने यहां रहने वाले ‘चागोसवासियों’ को जबरन हटाकर इस द्वीप को खाली करा दिया था। जिसके बाद से यहां ब्रिटेन और अमेरिका का संयुक्त सैन्य अड्डा संचालित हो रहा है। चागोस द्वीपसमूह लंबे समय से ब्रिटेन का विदेशी क्षेत्र रहा है, हालांकि 2025 में ब्रिटेन और मॉरीशस के बीच एक संधि पर हस्ताक्षर किए गए। इस संधि के तहत चागोस द्वीपसमूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने का प्रावधान किया गया है। लेकिन समझौते में यह भी तय किया गया है कि डिएगो गार्सिया पर बना सैन्य अड्डा कम से कम 99 वर्षों तक ब्रिटेन के नियंत्रण में ही रहेगा।
