एलन मस्क की बढ़ी मुश्किलें, फ्रांस में ‘X’ के मुख्यालय पर छापा; डीपफेक और साइबर अपराध में मिला समन
Elon Musk X Raid Paris: पेरिस पुलिस ने एलन मस्क के प्लेटफॉर्म 'X' के दफ्तर पर छापेमारी की है। डीपफेक और एल्गोरिदम हेरफेर जैसे गंभीर साइबर अपराधों की जांच के लिए मस्क को समन भेजा गया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
एलन मस्क, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
X Headquarters Raid News In Hindi: एलन मस्क और उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मंगलवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस में स्थित ‘X’ के मुख्यालय पर साइबर अपराध इकाई ने बड़ी छापेमारी की है। इस कार्रवाई में पेरिस अभियोजक कार्यालय की साइबर इकाई के साथ-साथ राष्ट्रीय पुलिस और यूरोपोल के अधिकारी भी शामिल रहे।
मस्क और पूर्व CEO को समन
जांचकर्ताओं ने न केवल छापेमारी की बल्कि कंपनी के मालिक एलन मस्क और पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) लिंडा याकारिनो को भी पूछताछ के लिए समन भेजा है। अभियोजकों ने स्पष्ट किया कि इन दोनों को उस समय के दौरान प्लेटफॉर्म के ‘वास्तविक और कानूनी प्रबंधकों’ के रूप में उनकी भूमिका के लिए तलब किया गया है, जब कथित अपराध हुए थे। गौरतलब है कि लिंडा याकारिनो ने पिछले साल जुलाई में ‘X’ के CEO पद से इस्तीफा दे दिया था।
गंभीर आरोपों के घेरे में ‘X’
फ्रांसीसी अधिकारी इस जांच में कई गंभीर आरोपों की पड़ताल कर रहे हैं। अभियोजक कार्यालय के अनुसार, जांच का केंद्र प्लेटफॉर्म पर बाल शोषण सामग्री और यौन स्पष्ट डीपफेक का प्रसार है। इसके अलावा, कंपनी पर मानवता के विरुद्ध अपराधों को नकारने और एक संगठित समूह के हिस्से के रूप में स्वचालित डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम के साथ हेरफेर करने में ‘कथित मिलीभगत’ का भी आरोप है।
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जांच की शुरुआत और एल्गोरिदम विवाद
यह जांच पिछले साल जनवरी में तब शुरू हुई थी जब एक सांसद एरिक बोथरेल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ‘X’ के एल्गोरिदम में बदलाव पक्षपाती हैं और डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम को प्रभावित कर रहे हैं। सांसद ने 2022 में एलन मस्क द्वारा कंपनी खरीदने के बाद से इसके प्रबंधन में बाहरी हस्तक्षेप और कंटेंट की सिफारिश करने के तरीकों पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। बाद में इस जांच का दायरा बढ़ा दिया गया क्योंकि मस्क के AI चैटबॉट ‘ग्रोक’ द्वारा होलोकॉस्ट को नकारने और आपत्तिजनक डीपफेक प्रसारित करने की खबरें सामने आई थीं।
कंपनी का पक्ष और अभिव्यक्ति की आजादी
इस छापेमारी पर फिलहाल ‘X’ की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है लेकिन पिछले साल कंपनी ने इस जांच को राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया था। एक्स ने एल्गोरिदम में हेरफेर और धोखाधड़ी वाले डेटा निष्कर्षण के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।
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प्लेटफॉर्म का तर्क है कि यह जांच अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करने और राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने के लिए फ्रांसीसी कानून को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है। इसके विरोध स्वरूप, पेरिस अभियोजक कार्यालय ने घोषणा की है कि वह अब इस सोशल नेटवर्क पर कुछ भी प्रकाशित नहीं करेगा।
