
पूर्वी कांगो में ढही खदान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
अफ्रीकी देश कांगो के पूर्वी हिस्से में एक बहुत बड़ा और भीषण हादसा सामने आया है। उत्तरी किवू प्रांत के रुबाया कोल्टन (कोलंबाइट-टैंटलाइट) खनन क्षेत्र में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से कई खदानें ढह गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 227 लोगों की मौत होने की पुष्टि हो चुकी है जबकि मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका अब भी जताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह घटना बुधवार को हुई थी जिसकी जानकारी शनिवार को विस्तृत रूप से सामने आई।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों में केवल खनन मजदूर ही नहीं, बल्कि पास के बाजार में काम करने वाली महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। गवर्नर के प्रवक्ता लुमुम्बा कंबेरे मुयिसा ने बताया कि कई लोग अभी भी कीचड़ में फंसे हुए हैं और बचाव कार्य जारी है। एक अन्य गवर्नर सलाहकार ने अनौपचारिक रूप से बताया कि लगभग 20 गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहा है जिन्हें आगे के इलाज के लिए एंबुलेंस से निकटतम शहर गोमा ले जाने की तैयारी है।
रुबाया की ये खदानें वर्तमान में M23 विद्रोही समूह के नियंत्रण में हैं जिन्होंने अप्रैल 2024 से इस क्षेत्र पर कब्जा जमाया हुआ है। यह क्षेत्र वैश्विक स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दुनिया के कुल कोल्टन उत्पादन का लगभग 15% हिस्सा कवर करता है। कोल्टन से निकलने वाला टैंटलम स्मार्टफोन, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स और उच्च तकनीक वाले उपकरणों के निर्माण में अनिवार्य रूप से इस्तेमाल होता है। यहां छोटे पैमाने पर हाथ से खनन किया जाता है जहां गरीब मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर रोजाना केवल कुछ डॉलर कमाते हैं।
इस त्रासदी के बाद, विद्रोही प्रशासन द्वारा नियुक्त गवर्नर ने घटनास्थल पर छोटे पैमाने के खनन पर अस्थायी रोक लगा दी है। इसके साथ ही खदान के आसपास झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया है।
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पूर्वी कांगो दशकों से सरकारी बलों और रवांडा समर्थित M23 जैसे सशस्त्र समूहों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है जिसके कारण खनिज संपन्न होने के बावजूद यहां मजदूरों की सुरक्षा पूरी तरह उपेक्षित रहती है। बारिश के मौसम में यहां अक्सर ऐसी आपदाएं आती हैं जो यहां के मानवीय संकट को और अधिक गहरा कर देती हैं।






