

उत्तरी चिली में शाम से ही मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया था। तेज हवाएं चल रही थीं। बृहस्पतिवार को अचानक लोगों ने घरों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए। घरों में बंद पंखे अचानक हिलने लगे। लोगों को शरीर में भी कुछ कंपन सा महसूस होने लगा जिसके बाद उन्हें भूकंप का एहसास होने पर वे परिवार समेत घरों से बाहर की ओर निकल गए। हालांकि कुछ ही मिनट में हालात सामान्य हो गए।
भूकंप के झटके महसूस करने के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए। सहमे हुए लोगों को घरों की चिंता सताने लगी और वे भगवान से प्रार्थनाएं करने लगे। हालांकि कुछ ही पलों में हालात सामान्य हो गए, लेकिन घबराए लोग अपने घरों में नहीं लौटे। वह परिवार के साथ काफी देर तक घर के बाहर ही सड़कों और फुटपाथ पर घूमते रहे। दोबारा भूकंप आने की संभावना को देखते हुए वह घरों के बाहर ही टहलते रहे।
चिली से पहले म्यांमार में भारी भूकंप के चलते भारी तबाही मची थी। वहां 24 घंटों में दो बार भूकंप दर्ज किया गया था। कुदरत के कहर ने 1600 से अधिक लोगों की जान ले ली थी। इसके अलावा अभी भी हजारों लोग लापता हैं। कई जगह से अभी भी मलबा उठवाया जा रहा है। हजारों गृहस्थियां बर्बाद हो गई हैं। भारत की ओर से भी म्यांमार में सहायता भेजी गई थी।
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यूएसजीएस (USGS) ने कहा कि स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:21 बजे भूकंप की गहराई 93 किलोमीटर थी। चिली की राष्ट्रीय आपदा एजेंसी के मुताबिक भूकंप को मध्यम तीव्रता का माना गया है। यह भी कहा कि किसी भी संभावित नुकसान की जानकारी नहीं है। अब तक किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है। सुनामी को लेकर भी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।