म्यांमार में नए साल पर भूकंप का खौफ: 4.6 तीव्रता के झटकों से कांपी राजधानी नेप्यीडॉ

Myanmar Earthquake: म्यांमार की राजधानी नेप्यीडॉ में नए साल के पहले दिन 4.6 तीव्रता का भूकंप आया। 10 किमी गहराई पर केंद्र होने के कारण झटके तेज थे, जिससे लोगों में दहशत फैल गई, जनहानि की खबर नहीं।
Earthquake Hits Myanmar on New Year Day; 4.6 Magnitude Tremors Felt in Naypyidaw
म्यांमार भूकंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
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4.6 Magnitude Earthquake Myanmar 2026: नए साल 2026 की शुरुआत म्यांमार के लोगों के लिए दहशत भरी रही, जब राजधानी नेप्यीडॉ और आसपास के इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई है। यह घटना गुरुवार शाम को तब हुई जब लोग नए साल के जश्न में डूबे थे, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर था, जिस कारण झटके काफी महसूस हुए।

म्यांमार में लगातार कंपन

राजधानी नेप्यीडॉ में शाम करीब 6:48 बजे भूकंप के झटके आए, जिससे इमारतों में कंपन महसूस किया गया। इससे पहले 29 दिसंबर को भी देश में 3.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। लगातार आ रहे इन झटकों ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है।

भौगोलिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र

म्यांमार चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों, भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेटों के मिलन बिंदु पर स्थित है। इन प्लेटों के आपस में टकराने के कारण यह क्षेत्र भूकंप और सुनामी के प्रति बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहां से गुजरने वाली 1400 किमी लंबी फॉल्ट लाइन आबादी के लिए बड़ा खतरा है।

जापान में भी आया था भूकंप

म्यांमार से पहले नए साल की पूर्व संध्या पर जापान के नोडा शहर में 6 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। जापान में भूकंप का केंद्र 19.3 किलोमीटर की गहराई पर पाया गया था, जिसने उत्सव के माहौल को गमगीन कर दिया। दोनों देशों में आई यह प्राकृतिक आपदा भूगर्भीय हलचल की ओर इशारा करती है।

स्वास्थ्य और विस्थापन का खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े भूकंपों के बाद विस्थापित आबादी के बीच स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहले भी भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में टीबी और HIV जैसी बीमारियों के प्रति चेतावनी जारी की है। सघन आबादी वाले यांगून जैसे शहरों में सुरक्षा प्रबंधन अब सबसे बड़ी चुनौती है।

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