होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जे के लिए US ने शुरू किया नया मिशन, ईरानी जहाजों पर किया हमला, ड्रोन्स को ठिकाने लगाया

US Attack Iranian Ships: अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए हमले तेज किए, ड्रोन और नौकाएं नष्ट कीं, ताकि जहाजों की आवाजाही सुरक्षित हो और वैश्विक तेल आपूर्ति स्थिर बनी रहे।
US Attack Iranian Ships in Strait of Hormuz
होर्मुज स्ट्रेट में US ने ईरानी जहाजों पर हमला किया (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Strait of Hormuz Tensions: ईरान-अमेरिका संघर्ष को तीन हफ्ते बीत चुके हैं और दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इस बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियों को बढ़ाते हुए हमलावर विमान और हेलीकॉप्टर तैनात कर दिए हैं, जिनका लक्ष्य ईरानी सैन्य संसाधनों को निष्क्रिय करना है।

ड्रोन हमलों से निपटने के लिए अमेरिका ने Apache हेलीकॉप्टरों को तेजी से तैनात किया है। इनका मुख्य उद्देश्य ईरान के ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ को मार गिराना है, जिनका इस्तेमाल खाड़ी देशों के ऊर्जा ढांचे और व्यापारिक जहाजों पर हमले के लिए किया जा रहा था। ये हेलीकॉप्टर कम ऊंचाई पर उड़कर तेजी से लक्ष्य साधने में सक्षम हैं।

लो-फ्लाइंग अटैक जेट्स होर्मुज में तैनात

इसके साथ ही अमेरिका ने A-10 Warthog जैसे लो-फ्लाइंग अटैक जेट्स को भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर तैनात किया है। ये जेट बहुत कम ऊंचाई से उड़ान भरते हुए ईरान की तेज हमला-नौकाओं को निशाना बना रहे हैं। इस रणनीति का मकसद समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाना और जहाजों की आवाजाही बहाल करना है। रिपोर्टों के अनुसार, हाल के दिनों में अमेरिकी हमलों ने ईरान की नौसैनिक क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचाया है। कई ईरानी नौकाएं और सैन्य संसाधन नष्ट किए जा चुके हैं, जिससे क्षेत्र में संतुलन बदलता दिखाई दे रहा है। यह अभियान पेंटागन की बहु-चरणीय योजना का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य ईरान द्वारा उत्पन्न खतरों जैसे माइन्स, क्रूज मिसाइलें और हथियारबंद नौकाएं को कम करना है।

होर्मुज पर कब्जे की कोशिश कर रहा अमेरिका

मार्च की शुरुआत से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी, लेकिन अब अमेरिका का प्रयास है कि इस महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग को फिर से चालू किया जाए। इसके लिए खाड़ी देशों को पहले से दी गई उन्नत रक्षा प्रणालियां जैसे मिसाइल डिफेंस और निगरानी तकनीक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

फिर भी चुनौती खत्म नहीं हुई है। ईरान के पास अभी भी बड़ी संख्या में माइन्स, मिसाइलें और भूमिगत सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। यही कारण है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह सुरक्षित बनाने में समय लग सकता है। अमेरिका की रणनीति साफ है इस मार्ग को खोलना, वैश्विक तेल आपूर्ति को स्थिर रखना और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना।

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