ईरान युद्ध के बीच इजरायल और भारत ने की बड़ी डिफेंस डील, AI से लैस ड्रोन पर बनी बात, जानें क्या है खासियत?

Israel India Defence Deal: इजरायल की XTEND और भारत की Rayonix ने 11 मिलियन डॉलर का समझौता किया। साझेदारी में AI-सक्षम UAVs भारत में बनाए जाएंगे, बढ़ती रक्षा तकनीक और स्वदेशी उत्पादन को सशक्त बनाएंगे।
Israel-India AI Drone Deal
इजरायल और भारत के बीच बड़ी AI ड्रोन डील (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Israel-India AI Drone Deal: इजरायल की AI रोबोटिक्स कंपनी XTEND ने भारत की रेयोनिक्स टेक (Rayonix Tech) के साथ 11 मिलियन डॉलर का मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां भारत में अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स (UAVs) का उत्पादन करेंगी। ये ड्रोन AI-आधारित ऑपरेशन वाले होंगे, जिससे यह एक महत्वपूर्ण रक्षा डील बन गई है।

रेयोनिक्स भारत में XTEND का एक्सक्लूसिव पार्टनर होगा, जो AI-सक्षम ड्रोन सिस्टम के लिए स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग और डिस्ट्रीब्यूशन की जिम्मेदारी संभालेगा। यह कदम भारत में घरेलू रक्षा उत्पादन और उन्नत मानव रहित तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में है।

क्या है AI ड्रोन की ताकत?

XTEND का XOS ऑपरेटिंग सिस्टम भारत में बन रहे UAVs के लिए सॉफ्टवेयर की रीढ़ का काम करेगा। यह प्लेटफॉर्म AI-आधारित नेविगेशन, मिशन प्लानिंग और रियल-टाइम ऑपरेशनल कंट्रोल प्रदान करता है, जिससे ड्रोन युद्ध के मैदान में परिस्थितियों के अनुसार बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। XTEND ने पिछले साल इजरायली सेना को 5,000 असॉल्ट ड्रोन की सप्लाई भी की थी।

वैश्विक रणनीति और भारत का योगदान

XTEND इस समझौते के माध्यम से अपने सॉफ्टवेयर-आधारित स्वायत्तता इकोसिस्टम का विस्तार करना चाहता है। इसका उद्देश्य एक एकीकृत सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर के तहत स्वतंत्र रूप से ड्रोन तैनात करने की क्षमता सुनिश्चित करना है। XTEND के CEO Aviv Shapira ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते रक्षा प्रौद्योगिकी बाजारों में से एक है, जहां स्वदेशी निर्माण और AI-सक्षम स्वायत्त प्रणालियों की मांग लगातार बढ़ रही है।

इस समझौते में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ऑपरेशनल क्षमता को भी शामिल किया गया है, ताकि भारत में उन्नत रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों के क्षेत्र में स्थानीय विशेषज्ञता और क्षमता मजबूत हो। इजरायल के साथ इस समझौते से भारत न सिर्फ AI के क्षेत्र में विकसित होगा, साथ ही इससे रक्षा के क्षेत्र में भी लाभ मिलेगा।

भारत में ड्रोन इकोसिस्टम

फरवरी 2026 तक भारत ने एक रेगुलेटेड ड्रोन इकोसिस्टम स्थापित कर लिया है, जिसमें 38,500+ रजिस्टर्ड ड्रोन, 39,890 DGCA-प्रमाणित रिमोट पायलट और 244 अनुमोदित प्रशिक्षण संगठन शामिल हैं। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक युद्ध को देखते हुए भारत को ड्रोन स्वार्म और एडवांस UAV टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम करना चाहिए, और पिछले 2-3 सालों में इसमें तेजी आई है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com