कनाडाई PM की दिल्ली दौरे से पहले रिश्ते मजबूत करने की कोशिश, बोले- 'हिंसक अपराधों में भारत शामिल नहीं'

India-Canada Relations: भारत और कनाडा के रिश्ते पिछले दो साल तनावपूर्ण थे, लेकिन अब कनाडा ने कहा कि भारत हिंसक गतिविधियों से जुड़ा नहीं है, और दोनों देशों के संबंध सुधर रहे हैं।
Mark Carney india visit
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Mark Carney India Visit: भारत और कनाडा के बीच पिछले दो सालों में बने तनावपूर्ण रिश्ते अब धीरे-धीरे सुधार की दिशा में दिख रहे हैं। कनाडा ने हाल ही में अपने रुख में बड़ा बदलाव करते हुए कहा है कि उसे अब भरोसा है कि भारत कनाडा में हिंसक गतिविधियों से जुड़ा नहीं है। यह बयान टोरंटो स्टार की रिपोर्ट के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी ने टेक्निकल ब्रीफिंग के दौरान दिया। 

यह घोषणा कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भारत दौरे से पहले हुई, जिसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने ओटावा और नई दिल्ली के बीच सुरक्षा सहयोग और बातचीत में हुई प्रगति के बारे में जानकारी साझा की। कार्नी के भारत दौरे से माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों के रिश्तों में तेजी आएगी।

दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक जुड़ाव

कनाडा की इस नई नीति का मतलब यह है कि दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक जुड़ाव को पुनः बढ़ावा मिलने की संभावना है। अधिकारी ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि हिंसक गतिविधियां अब जारी नहीं रहेंगी। भारत ने हमेशा ही कनाडा में हिंसक अपराधों में उसकी सरकार के शामिल होने के आरोपों को खारिज किया है।

ट्रूडो ने लगाए थे गंभीर आरोप

हालांकि, यह विवाद 2023 में गहरा गया था, जब कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत के शामिल होने का आरोप लगाया। निज्जर की हत्या जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर हुई थी। ट्रूडो ने सितंबर 2023 में कहा कि उसके पास विश्वसनीय सबूत हैं कि भारत सरकार से जुड़े एजेंटों ने कनाडाई नागरिक की हत्या की थी। इसके बाद दोनों देशों ने अपने-अपने डिप्लोमैट्स को वापस बुला लिया, और रिश्तों में गहरा तनाव पैदा हो गया।

कार्नी सरकार संबंध सुधारने में सक्रिय

अब, लगभग दो साल के तनावपूर्ण दौर के बाद, मार्क कार्नी की सरकार भारत के साथ संबंध सुधारने में सक्रिय है। कनाडा का कहना है कि वह सुरक्षा खतरों को गंभीरता से लेता है और उन्हें दूर करने के लिए भारत के साथ सहयोग कर रहा है। दूसरी ओर, भारत ने लंबे समय से कनाडा में सिख चरमपंथियों की गतिविधियों को लेकर अपनी चिंताओं को जताया है और ओटावा से इस पर नियंत्रण रखने की मांग की है। इस नए रुख के साथ दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग और कूटनीतिक संबंधों में सुधार की उम्मीद जगी है।

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