चीन ने बढ़ाई डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन, कहा- भारत के साथ मिलकर काम करने में परेशानी नहीं

Trump Tariffs: अमेरिका-चीन टैरिफ तनाव के बीच चीन ने भारत संग साझेदारी की इच्छा जताई है। वांग यी और अजीत डोभाल की बैठक तय, मोदी शी जिनपिंग से SCO सम्मेलन में मिलेंगे। अमेरिका के लिए यह बड़ा झटका है।
चीन ने बढ़ाई डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन, कहा- भारत के साथ मिलकर काम करने में परेशानी नहीं
भारत के साथ मिलकर काम करेगा चीन (फोटो- सोशल मीडिया)
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India-China Relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस के साथ बैठक से पहले बड़ा झटका लगा है। चीन ने अमेरिकी टैरिफ के जवाब में भारत के साथ हाथ मिलाने का फैसला किया है। इसी कड़ी में चीन ने कहा है कि उसे भारत के साथ मिलकर काम करने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है। ये बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में ट्रंप ने चीन को टैरिफ को लेकर और 90 दिन देने का ऐलान किया।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी अगले हफ्ते भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से नई दिल्ली में मुलाकात करेंगे। यह बैठक 2019 में हुई गलवान सीमा झड़प के बाद दोनों देशों के बीच दूसरी उच्च स्तरीय मुलाकात होगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस महीने के अंत में चीन की यात्रा पर जा रहे हैं, जहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे।

भारत-चीन के रिश्ते मजबूत

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत-अमेरिका संबंधों में आई नई दरार, खासकर जब ट्रंप प्रशासन ने भारतीय निर्यातों पर 50% तक टैरिफ लगाया ने भारत और चीन को एक-दूसरे के करीब आने के लिए प्रेरित किया है। भारत और चीन ने पहले ही 2020 से बंद पड़ी सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने पर सहमति जता दी है और अब तीन हिमालयी सीमा क्रॉसिंग पर व्यापार को पुनः चालू करने जैसे कदमों पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि दोनों देशों के बीच होने वाले 127.7 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार में सीमा व्यापार की हिस्सेदारी बेहद कम है, फिर भी इसका पुनः आरंभ दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक अहम और प्रतीकात्मक पहल माना जा रहा है।

मिलकर काम करना चाहता है चीन

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस वार्ता में कहा, "हम सभी निर्दिष्ट व्यापार बिंदुओं के माध्यम से सीमा व्यापार को फिर से शुरू करने में मदद के लिए चीनी पक्ष के साथ संपर्क में हैं।"

बीजिंग ने भी संकेत दिए हैं कि वह सीमा व्यापार बहाल करने के लिए तैयार है, जो सीमावर्ती लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और दोनों देशों की जनता के बीच संपर्क बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि बीजिंग सीधी उड़ानों को जल्द से जल्द फिर से शुरू करने को लेकर भारत से संपर्क बनाए हुए है।

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