चीन ने बढ़ाया वैश्विक तनाव! सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा ‘न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर’, मचा हड़कंप
China Type 004 Carrier: चीन ने हाल ही में अपने तीसरे एयरक्राफ्ट कैरियर फुजियान को नौसेना में शामिल किया, लेकिन अब नई तस्वीरों ने उसके अगले बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को उजागर कर दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
चीन का एयरक्राफ्ट कैरियर, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
China Aircraft Carrier News: चीन ने हाल ही में अपना तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर फुजियान (Fujian) आधिकारिक रूप से नौसेना में शामिल किया है। लेकिन अब नई सैटेलाइट इमेज और लीक हुई तस्वीरों ने संकेत दिए हैं कि बीजिंग अपनी समुद्री शक्ति को और बड़े स्तर पर बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
एक रिपोर्ट का दावा है कि चीन का अगला Type 004 एयरक्राफ्ट कैरियर, जो लियाओनिंग प्रांत के डलियन शिपयार्ड में निर्माणाधीन है, संभवतः परमाणु ऊर्जा से संचालित होगा।
हुल स्ट्रक्चर से मिले सुराग
रिपोर्ट के अनुसार, इस नए कैरियर का हुल डिजाइन अमेरिकी न्यूक्लियर सुपरकैरियर्स से काफी मिलता-जुलता दिखाई दे रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों में एक ऐसा स्ट्रक्चर नजर आया है जो न्यूक्लियर रिएक्टर के कंटेनमेंट जैसा प्रतीत होता है। यह बिल्कुल उस तरह का सेटअप है जैसा अमेरिका अपने परमाणु चालित कैरियर्स में उपयोग करता है।
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हालांकि रिपोर्ट यह भी कहती है कि इसकी पुष्टि अभी नहीं है और यह किसी प्रोटोटाइप या टेस्ट मॉड्यूल का हिस्सा भी हो सकता है, लेकिन तस्वीरें बताती हैं कि चीन न्यूक्लियर प्रोपल्शन की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
परमाणु इंजन के रणनीतिक फायदे
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर Type 004 वास्तव में परमाणु ऊर्जा से लैस होता है, तो यह चीन की नौसैन्य क्षमता को एक नए स्तर पर ले जाएगा। पारंपरिक जहाजों को बार-बार ईंधन भरना पड़ता है, जबकि न्यूक्लियर कैरियर बिना रीफ्यूलिंग के बेहद लंबी दूरी तय कर सकते हैं और लगातार तेज गति बनाए रख सकते हैं। यही कारण है कि अमेरिका के सभी 11 कैरियर्स परमाणु ऊर्जा पर चलते हैं, जबकि चीन के तीनों मौजूदा कैरियर्स अभी भी पारंपरिक ईंधन पर निर्भर हैं।
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फुजियान के बाद अगला बड़ा कदम
फुजियान जैसे आधुनिक कैरियर में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापल्ट (EMALS) सिस्टम लगा है, लेकिन इसकी ऑपरेशनल रेंज 8,000–10,000 नौटिकल माइल्स के बीच सीमित है। अगर आने वाला Type 004 परमाणु शक्ति से लैस हुआ, तो चीन अमेरिका और फ्रांस के बाद दुनिया का तीसरा देश बन जाएगा जिसके पास न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर होगा। ऐसे जहाज चीन को पश्चिमी प्रशांत से कहीं आगे, दूरस्थ समुद्री क्षेत्रों में भी लंबे समय तक मौजूद रहने में सक्षम बनाएंगे।
कुल मिलाकर, Type-004 की नई तस्वीरें सिर्फ एक जहाज की नहीं, बल्कि चीन की समुद्री रणनीति में आने वाले बड़े बदलाव की झलक देती हैं। दुनिया अब उत्सुकता और चिंता के साथ चीन के इस अगले कदम पर निगाहें लगाए हुए है।
