‘हसीना का प्रत्यर्पण रिश्तों में नहीं बनेगा बाधा’, चुनाव के बाद BNP नेता का बड़ा बयान; जानें क्या है प्लान
Sheikh Hasina Extradition: बीएनपी नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने स्पष्ट किया है कि शेख हसीना को वापस बांग्लादेश लाने की मांग से भारत के साथ संबंधों पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।
- Written By: अमन उपाध्याय
बीएनपी नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और शेख हसीना, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
India Bangladesh Relations: बांग्लादेश चुनाव में मिली प्रचंड जीत के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने भारत के साथ अपने भावी रिश्तों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक और तारिक रहमान के करीबी सहयोगी मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में कोई रुकावट नहीं बनेगा।
कानूनी प्रक्रिया के तहत वापसी की मांग
मीडिया से बातचीत में फखरुल इस्लाम ने जोर देकर कहा कि शेख हसीना की वापसी के लिए उठाए जाने वाले कदम पूरी तरह से स्थापित कानूनी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार होंगे। उन्होंने याद दिलाया कि भारत और बांग्लादेश के बीच पहले से ही एक प्रत्यर्पण संधि मौजूद है। बीएनपी नेता ने कहा कि हम चाहते हैं कि वह वापस आएं और कानून का सामना करें लेकिन यह प्रक्रिया द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित नहीं करेगी।
भारत के रुख पर भरोसा
फखरुल इस्लाम ने भारत के अब तक के रुख पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत ने कभी इस बात से इनकार नहीं किया है कि उन्होंने शेख हसीना को शरण दी है और न ही यह कहा है कि वे उन्हें प्रत्यर्पित नहीं करेंगे। पार्टी को उम्मीद है कि भारत इस मामले में उचित सहयोग करेगा। इससे पहले बीएनपी नेता सलाहुद्दीन अहमद ने भी कहा था कि पार्टी कानूनी और कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से अपनी मांग जारी रखेगी।
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हसीना पर ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ का मामला
शेख हसीना अगस्त 2024 में छात्रों के हिंसक आंदोलन के बाद इस्तीफा देकर भारत चली गई थीं और तब से नई दिल्ली में रह रही हैं। नवंबर 2025 में, बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। हालांकि यह सुनवाई उनकी अनुपस्थिति में हुई थी।
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पीएम मोदी की बधाई और नई शुरुआत
हालिया संसदीय चुनावों में बीएनपी की बड़ी जीत के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को बधाई दी है, जिसे दोनों देशों के बीच एक नई और सकारात्मक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। अवामी लीग को चुनावी गतिविधियों से प्रतिबंधित किए जाने के बाद बीएनपी ने इस चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है।
