

Power of America Nuclear Cruise Missile: अमेरिकी सेना एक खास परमाणु मिसाइल बना रही है। इसका नाम एजीएम-181ए लॉन्ग रेंज स्टैंड ऑफ वेपन(एलआरएसओ) हैं। यह स्टील्थ परमणु क्रूज मिसाइल है, जिसे दुश्मन पकड़ नहीं पाते। हाल में लोगों ने पहली बार इसे उड़ते देखा। इसकी तस्वीर कैलिफोर्निया के ऊपर परमाणु मिसाइल के परीक्षण के दौरान दुनिया के सामने आई। अब तक अमेरिकी रक्षा विभाग ने इसे गुप्त रखा था। दूर से परमाणु हमले में सक्षम कैलिफोर्निया के ऊपर उड़ते बी-52एच बॉम्बर के पंख के नीचे लगे होने के दौरान इसकी असली झलक पहली बार प्लेन स्पॉटर ने कैमरे में कैद कर ली।
जानकार बताते हैं कि यह मिसाइल दुश्मन के रडार से बचने और बहुत लंबी दूरी से परमाणु हमला करने में सक्षम है। मिसाइल बी-52एच बॉम्बर के नीचे लगी थी। विमान के दाहिने पंख के नीचे मिसाइलें लगी थीं।
ये मिसाइलें मल्टीपल इजेक्टर रैक के बाहरी स्टेशनों पर लगी हुई थीं, जो विमान के पंख के नीचे उपकरण है। यह उड़ान के दौरान गोला-बारूद को रखता और छोड़ता है। मिसाइलों में एजीएम-181ए की पिछली तस्वीरों जैसी विशेषताएं हैं। इनमें मुड़ने वाले पंख, तीन सतहों वाली उलटी पूंछ और एक तीखे कोण वाला शरीर शामिल हैं।
विश्लेषकों के अनुसार वायुसेना की नई परमाणु सक्षम स्टैंड ऑफ मिसाइल से काफी मिलती-जुलती हैं। यह मिसाइल दूर से प्रक्षेपित करने के लिए डिजाइन हुआ है, जो कि एजीएम-86बी एयर-लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल की जगह लेगी। एलआरएसओ कई मायनों में एजीएम-86बी से अलग है। इसकी रेंज ज्यादा है। स्टील्थ बेहतर है। मार्गदर्शन प्रणाली अपडेट की गई है। यह हवाई सुरक्षा को भेदकर दूर से हमला करने में सक्षम हैं।
लंबाई- 6.4 मीटर (करीब 20 फीट)। चौड़ाई: 0.62 मीटर। रेंज: 2500 किलोमीटर से ज्यादा। गति: सबसोनिक 850 किलोमीटर प्रति घंटा वॉरहेड: परमाणु हथियार, हिरोशिमा के बम से 10 गुना शक्तिशाली बम गिराने की क्षमता है। वजन: करीब 1360 किलोग्राम है। इसके 2030 के आसपास सेवा में शामिल होने की उम्मीद है।
रक्षा विशेषज्ञ इसे रूस और चीन को जवाब के रूप में देख रहे। हाल में रूस ने परमाणु संचालित क्रूज मिसाइल बुरेवेस्तनिक का परीक्षण किया है। यह मिसाइल सैद्धांतिक रूप से असीमित रेंज के लिए डिजाइन हुई है। दरअसल, यह परमाणु रिएक्टर से संचालित है। ड्रैगन ने भी हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल बना ली है। वह इसका प्रदर्शन कर चुका है। हालांकि, अमेरिका की ओर से आधिकारिक रूप से इस क्रूज मिसाइल के बारे में जानकारी नहीं दी गई है।