सावधान! लिंक्डइन में चल रहा है हसीनाओं का काला खेल, डीपी देखकर ही लुट गए लोग, खुलासे से हड़कंप

China News: MI5 ने चेतावनी दी कि दो चीनी जासूस लिंक्डइन पर “हेड हंटर” बनकर ब्रिटिश सांसदों को निशाना बना रही हैं, संवेदनशील जानकारी के बदले क्रिप्टोकरेंसी से भुगतान मांग रही हैं।
china-linkedin-spy-women-british-mps-headhunters-exposed-names
लिंक्डइन के जरिए जासूसी कर रहा चीन (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

China LinkedIn Spy: ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI5 ने हाल ही में लिंक्डइन पर चीन के लिए जासूसी करने वाली दो महिलाओं को लेकर अलर्ट किया है। एजेंसी ने दावा किया कि ये महिलाएं हेड हंटर यानी उम्मीदवारों की भर्ती करने वाली पेशेवर हैं, लेकिन असल में ये लिंक्डइन जैसी पेशेवर नेटवर्किंग साइटों के माध्यम से लोगों को जाल में फंसा रही हैं। MI5 के अनुसार, इन जासूसों ने कई सांसदों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की है।

एजेंसी ने बताया कि, ये महिलाएं ब्रिटेन के सांसदों को अपने जाल में फंसाकर राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य क्षमता और संवेदनशील सरकारी नीतियों की जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही थी। ब्रिटिश संसद के स्पीकर लिंडसे होयले ने सांसदों के लिए चेतावनी जारी की है कि चीन की मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी (MSS) लगातार ब्रिटेन के लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। MI5 ने इस खतरे को गंभीर मानते हुए सलाह दी है कि सरकारी कर्मचारी लिंक्डइन जैसी साइटों पर किसी भी संदिग्ध हेड हंटर से सीधे संपर्क न करें।

दो जासूसों के नाम सार्वजनिक

सिक्योरिटी मिनिस्टर डैन जारविस ने बताया कि इन जासूसों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है, जिसमें कई मिलियन पाउंड्स का खर्चा आएगा। MI5 ने विशेष रूप से दो हेड हंटर्स के नाम साझा किए हैं। पहला नाम अमैंडा क्यू है, जो लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार बीआर-वाईआर कार्यकारी खोज में काम करती हैं। दूसरा नाम शर्ली शेन है, जो इंटर्नशिप यूनियन में कार्यरत हैं। दोनों ही महिलाएं चीनी MSS एजेंट के रूप में काम कर रही हैं और ब्रिटेन के सांसदों को लिंक्डइन के जरिए फंसाने की कोशिश कर रही थीं।

MI5 के निर्देश स्पष्ट हैं कि इन नकली हेड हंटर्स के विज्ञापन केवल शुरुआती कदम हैं। एक बार किसी को जाल में फंसा लिया गया, तो उन्हें एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर संपर्क करने के लिए कहा जाएगा, जहां गैर-सार्वजनिक और गोपनीय रिपोर्ट्स की मांग की जाएगी। इसके बदले में क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से भुगतान किया जाएगा, और फंसे हुए व्यक्ति को गैर-पश्चिमी देश में जासूसी के लिए भेजा भी जा सकता है।

चीन ने दी प्रतिक्रिया

इस मामले पर चीन के ब्रिटेन स्थित दूतावास ने प्रतिक्रिया दी है और आरोपों को मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के इस कदम की कड़ी निंदा करते हैं और उनसे आग्रह किया है कि झूठे आरोप तुरंत वापस लिए जाएं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com