चीन ने फिर की हिमाकत...जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी को बताया अपना, तनाव बढ़ना तय!

India-China Tensions: चीन का कहना है कि शक्सगाम घाटी उसका हिस्सा है। उसे अपने क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने का अधिकार है, और CPEC इसी इलाके से गुजरता है। भारत ने चीनी दावे को गलत बताया है।
China Claims Kashmir Shaksgam Valley
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग (सोर्स- सोशल मीडिया)
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China Claims Kashmir Shaksgam Valley: चीन ने जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी को अपना हिस्सा बताया है और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के माध्यम से पाकिस्तान तक सड़क निर्माण कर रहा है, जो इस विवादित क्षेत्र से गुजर रही है। भारत ने इस पर लगातार विरोध जताया है और शक्सगाम घाटी में किसी भी विदेशी अवैध निर्माण को स्वीकार नहीं किया है। 9 जनवरी को भी भारत ने इस इलाके में चीन के नियंत्रण को अवैध करार दिया था।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि जिस इलाके को लेकर विवाद उठ रहा है, वह चीन का हिस्सा है। उनके अनुसार, अपने क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करना चीन का अधिकार है और इस पर किसी को सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। माओ निंग ने बताया कि पाकिस्तान ने 1948 में शक्सगाम घाटी पर कब्जा किया था और 1963 में इसे चीन को सौंप दिया था। चीन और पाकिस्तान ने 1960 के दशक में सीमा समझौता किया था और दोनों देशों के बीच सीमा तय हो गई थी।

क्या है चीन की CPEC परियोजना?

CPEC के बारे में माओ निंग ने कहा कि यह एक आर्थिक सहयोग परियोजना है, जिसका उद्देश्य स्थानीय आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना और लोगों की जीवन स्थिति को बेहतर बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन-पाकिस्तान सीमा समझौता और CPEC का कश्मीर मुद्दे पर चीन के रुख से कोई संबंध नहीं है। चीन का कश्मीर पर रुख पहले जैसा ही है।

चीन यह मानता है कि कश्मीर एक ऐतिहासिक और जटिल मुद्दा है, जिसे भारत और पाकिस्तान को आपसी बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से हल करना चाहिए। चीन यह भी कहता रहा है कि वह संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सम्मान करता है।

भारत ने जताया था विरोध

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 9 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि शक्सगाम घाटी भारत का हिस्सा है। उन्होंने 1963 में हुए तथाकथित चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को कभी मान्यता नहीं दी है और इसे अवैध बताया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत CPEC को मान्यता नहीं देता, क्योंकि यह पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले इलाके से होकर गुजर रहा है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा हैं, और यह बात पाकिस्तान और चीन दोनों को कई बार स्पष्ट कर दी गई है।

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