

AC Electricity Consumption : भीषण गर्मी के बढ़ते प्रकोप ने देश भर के कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुँच गया है। गर्मी ज्यादा होने की वजह से पंखा, कूलर और एसी चलाने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई है। लेकिन लोगों के मन में एसी को लेकर कई भ्रम फैले हुए हैं।
लोगों को सबसे आम भ्रम ये होता है कि एसी ठंडा तभी करेगा जब 18 डिग्री सेल्सियस पर सेट किया जाए। भारत सरकार के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार, एसी को 24 डिग्री सेल्सियस पर सेट करने पर भी कमरे में आरामदायक ठंडक होती है और बिजली का बिल में भी बचत होती है।
हर एक डिग्री बढ़ने पर लगभग 6 % बिजली की खपत की जा सकती है। इसका मतलब है कि 18 डिग्री की जगह 24 डिग्री पर चलाने से आप बिना किसी परेशानी के बिजली की बचत कर सकते हैं।एसी का सही उपयोग केवल बिजली की बचत करने में नहीं, बल्कि पर्यावरण सुरक्षा में भी मदद करेगा। जलवायु परिवर्तन के दौर में छोटी-छोटी आदतें बड़े बदलाव ला सकती हैं।
मंत्रालय का कहना यह है कि 'समझदारी से कूल रहें, जोर लगाकर नहीं। एसी को कम तापमान पर चलाने से केवल बिजली की बचत ही नहीं, आपके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर नहीं पड़ेगा।अचानक गर्मी से ठंडे कमरे में जाना सर्दी-जुकाम और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।
स्टैंडबाय मोड को लेकर भी लोगों में एक बहुत बड़ा भ्रम हैं कि टीवी या एसी को रीमोट से बंद करने के बाद वह बिजली नहीं खाता। स्टैंडबाय मोड में होते हुए भी एसी या टीवी बिजली खींचते रहते हैं। मंत्रालय का कहना है कि एसी या टीवी का उपयोग करने के बाद प्लग दीवार के सॉकेट से निकाल दें।
इस गर्मी के मौसम में ऊर्जा संरक्षण बहुत जरूरी है। नागरिकों से मंत्रालय ने अपील की है कि एसी का तापमान 24 डिग्री पर रखें और पर्दे बंद रखें।साथ ही, एसी के फिल्टर को समय-समय पर साफ करते रहें, जिससे उसकी दक्षता बनी रहे, दरवाजे और खिड़कियां भी बंद रखे।